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Rajasthan Mandi Expansion: राजस्थान की इस मंडी का 508 बीघा में होगा विस्तार, 236 बीघा जमीन का होगा अधिग्रहण; किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

Baran Mandi Expansion

बारां कृषि उपज मंडी। फोटो: पत्रिका

बारां। कृषि उपज मंडी के विस्तार को लेकर लंबे समय से चली आ रही कवायद अब धरातल पर आने की उम्मीद जगी है। कृषि मंडी द्वारा 36 बीघा भूमि को अधिग्रहित किया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा 20 प्रतिशत भूमि देने के फैसले के बाद अब प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वर्तमान में मंडी 272 बीघा भूमि पर है। कृषि मंडी परिसर विस्तार के लिए प्रथम चरण में करीब 36 बीघा भूमि अधिग्रहित होने के बाद लगभग 1 लाख से अधिक कट्टों की क्षमता और बढ़ जाएगी।

वहीं, दूसरे चरण में 200 बीघा निजी भूमि को भी अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बारां जिले में करीब 3 लाख 50 हजार हैक्टेयर कृषि योग्य भूमि हैं। जिसमें रबी व खरीब की विभिन्न फसलों का उत्पादन किया जाता है। लगातार बढ़ते उत्पादन के चलते अब बारां कृषि उपज मंडी जिसे विशिष्ठ श्रेणी का दर्जा प्राप्त है। अब छोटी पड़ने लगी है। जिसके विस्तार की मांग निरन्तर उठती रही है।

सरकार 20 प्रतिशत पर सहमत

बैठक के निर्णय पर लगातार लम्बे समय के इंतजार के बाद गत सप्ताह राज्य सरकार ने 20 प्रतिशत भूमि को विकसित करके देने की सहमति के संकेत दिए हैं। अब मंडी प्रशासन को आदेश प्राप्ति होने के बाद प्रक्रिया शुरू करवा दी जाएगी।

मंडी को करीब 250 बीघा की जरुरत

कृषि उपज मंडी के विस्तार को लेकर यूं तो करीब 250 बीघा भूमि की आवश्यकता है। मंडी प्रांगण से लगी हुई करीब 300 से 400 बीघा निजी भूमि अवाप्त किए जाने की कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू करने के प्रयास किए जाएगे। व्यापार संघ के अध्यक्ष मनीष लश्करी ने बताया कि बारां कृषि मंडी में अच्छे भाव व विपणन में पारदर्शिता के चलते एमपी के किसान यहां माल बेचने आते हैं। सीजन में माल की अधिकता के कारण कई बार नीलामी को बंद करना पड़ता है।

एक दशक से किए जा रहे प्रयास

कृषि उपज मंडी के विस्तार को लेकर करीब एक दशक से मंडी प्रशासन प्रयास में जुटा हुआ था। इसके लिए 36 बीघा भूमि अधिग्रहित करने के लिए कवायद शुरू की गई थी लेकिन भूस्वामियों द्वारा कोर्ट में स्टे लगा देने से मामला अधर में लटक गया था। बाद में भूस्वामियों से सहमति बनाने का प्रयास किया गया।

फरवरी 2015 को कृषि निदेशालय के निर्देश के तहत बैठक आयोजित कर अभिशंषा भिजवाए जाने के लिए गठित कमेटी द्वारा मंडी प्रांगण से सटी हुई गेट 2 की तरफ अवाप्ताधीन 36 बीघा 6 बिस्वा के 25 प्रतिशत भूमि अर्थात 9 बीघा को रोड, नाली आदि से विकसित कर देने की बात पर स्टे वापस लेने की बात कही गई थी। लेकिन समझाइश के बाद 20 प्रतिशत यानी 7 बीघा भूमि विकसित करने पर सहमति बनी थी।

मंडी में पूर्व के कई निर्णय गलत

मंडी व्यापारी विमल बंसल ने बताया कि मंडी 272 बीघा में है। लेकिन बीते वर्षों में कई निर्णय गलत हुए जिसके चलते काफी भूमि अन्य विभाग के हस्तान्तरण हो गई। 12 बीघा भूमि स्टेट वेयर हाउस तथा राजस्थान बीज निगम को देना भी उचित नहीं रहा। जिसके चलते मंडी का विस्तार नही हो पाया।

इनका कहना है

प्रदेश सरकार ने अधिग्रहण की जाने वाली भूमि में 20 प्रतिशत भूमि को विकसित कर देने के निर्णय से अब मंडी विस्तार की कवायद आगे बढ़ेगी। वहीं इसके बाद करीब 200 बीघा अन्य भूमि को भी अधिग्रहित करने के लिए प्रयास किए जाएगे।
-हरिमोहन बैरवा, सचिव, कृषि उपज मंडी, बारां