
अधूरा स्कूल भवन (फोटो: पत्रिका)
बरन के बोहत कस्बे के महात्मा गांधी अंग्रेजी विद्यालय में पिछली सरकार के माध्यम से 95 लाख रूपए अतिरिक्त कक्षा निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत हुए थे।पीडब्ल्यूडी विभाग के माध्यम से ठेकेदार को टेंडर जारी होने के बाद लेटलतीफी से विद्यालय परिसर में दो तल में कक्षा कक्षों का निर्माण कार्य ठेकेदार द्वारा कछुआ गति से चलने डेढ़ वर्ष से अधिक समय निकलने के बाद भी ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य इस सत्र में विद्यालय के अतिरिक्त कक्षा कक्ष का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से पिछले वर्ष से तीन जगह कक्षाएं संचालित करनी पड रही है। यह स्थिति पिछले साल की तरह ही बनी हुई है, जिससे छात्र छात्रों को पढ़ाई में बाधा आ रही है।
प्रधानाचार्य रामेश्वर नागर ने बताया कि विद्यालय में कक्षाओं कक्ष की कमी के चलते पिछले सत्र से तीन जगह कक्षाओं को संचालित करना पड रहा है। विद्यालय में 225 बच्चों का नामांकन है। विद्यालय मुख्य भवन में मात्र 2 कक्षा कक्ष ही है। जिनमें तीन कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, इनकी छत भी बारिश के पानी से टिपकती है। बारिश के समय छत से पानी रिसने से पढ़ाई बाधित होती है। दूसरे जगह पशु चिकित्सालय भवन परिसर में कक्षा 1 से 5 तक संचालित होती है। वहीं आंगनबाड़ी केन्द्र भवन में नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी तीन कक्षाओं को संचालित किया जा रहा है। तीन जगह अलग-अलग स्थानों पर कक्षाएँ लगने से केवल पढ़ाई में व्यवधान आ रहा है, बल्कि छात्रों और शिक्षकों दोनों को ही परेशानी हो रही है। एक ही समय में अलग-अलग स्थानों पर कक्षाएँ लगने से छात्रों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में समय बर्बाद होता है, और शिक्षकों को भी अलग-अलग कक्षाओं में जाकर पढ़ाना पड़ता है। यह स्थिति छात्रों के सीखने की प्रक्रिया को भी प्रभावित करती है, क्योंकि वे एक ही स्थान पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं।
विद्यालय विकास समिति से जुड़े सदस्य लोकेश गुर्जर, रघुवीर गौड, ओमप्रकाश सुमन, हरिओम गौतम ने बताया कि ठेकेदार द्वारा समय पर विद्यालय भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से अलग-अलग जगह कक्षाओं का संचालन हो रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई में बाधा आ रही है। विभाग को चाहिए कि ठेकेदार पर दबाव बना कर अतिरिक्त कक्षाओं कक्ष का निर्माण कार्य जल्दी पूरा कराया जाए। मांगरोल पीडब्ल्यूडी विभाग के कनिष्ठ अभियन्ता संजीव कुमार सैनी ने विद्यालय में चल रहे अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए ठेकेदार से समय पर निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि 95 लाख रूपए की लागत से दुमंजिला भवन में अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण कराया जा रहा है। कार्य समय पर शुरू नहीं करने से अभी तक पूरा नहीं हुआ है। दोनों तल निर्माणधिन कक्षों की छत डालने के बाद दीवारों का प्लास्टर जारी है। तीन से चार महिने में पूरा निर्माण कार्य होने की संभावना है।
Updated on:
24 Jul 2025 10:45 am
Published on:
24 Jul 2025 10:45 am
