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Baran: बच्चों की जिद पर पीहर रुकी महिला समेत बेटा-बेटी की हुई दर्दनाक मौत, सर्पदंश ने ले ली तीनों की जान

राखी मनाने के लिए आई पिंकी चंदेल, 7 वर्षीय बेटा और 5 साल की बेटी पलंग पर सो रहे थे। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने तीनों को डस लिया।

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बेटा-बेटी और मां की फाइल फोटो: पत्रिका

बारां के केलवाड़ा थाना क्षेत्र के महोदरा गांव रक्षाबंधन मनाने आई महिला को क्या पता था कि यह उसका आखिरी त्योहार होगा। वह तो अपनी ससुराल जाने को तैयार थी, मगर बच्चों की नाना-नानी के यहां रुकने की जिद के आगे मजबूर हो गई और अपने पीहर में ही एक-दो दिन रुकने का मानस बना लिया। मगर नियति को कुछ और ही मंजूर था। इस बीच सांप के डसने से उसकी और उसके दोनों बच्चों की मौत हो गई। मंगलवार तड़के यह हादसा हुआ। इसमें पिंकी पत्नी बृजेश चंदेल (28) निवासी आकोदा कोलारस जिला शिवपुरी, बेटा प्रिंस (8), बेटी नेहा (5) की सर्पदंश से मौत हो गई।

जानकारी के अनुसर सोमवार देर रात एक ही बिस्तर पर सो रही मां-बेटा-बेटी को सांप ने डस लिया। इसका पता चलने पर मृतका के पिता एवं परिजनों ने सर्प को वहीं पर मार दिया। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से तीनों को केलवाड़ा अस्पताल लाया गया। यहां पर चिकित्सकों ने जांच कर तीनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में पिंकी, प्रिंस और नेहा शामिल हैं।

सूचना पर केलवाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद ग्रामीणों की मदद से उसे देसी इलाज करने के लिए पास के ही सिरसौद गांव ले गए। वहां पर उनको झाड़ा दिलवाया गया। इस दौरान वहां तीनों बेहोश हो गए। हालत गंभीर होने पर तीनों को केलवाड़ा अस्पताल लाया गया। यहां पर चिकित्सकों ने जांच कर तीनों को मृत घोषित कर दिया। डॉ. राजेश राजावत ने बताया कि यह सांप कॉमन करैत प्रजाति का है। परिजनों का कहना है कि सांप ने बच्चे की उंगली और बच्ची के पैर पर काटा है, जबकि पिंकी को कहां पर डसा, इसका पता नहीं चल सका।

अचानक बिगड़ी तीनों की तबीयत

केलवाड़ा थाना अधिकारी मानसिंह ने बताया कि घटनाक्रम सुबह 4 बजे के आसपास महोदरा गांव के एक घर में हुआ है। मध्यप्रदेश के शिवपुरी के आकोदा से राखी मनाने के लिए आई पिंकी चंदेल, 7 वर्षीय बेटा और 5 साल की बेटी पलंग पर सो रहे थे। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने तीनों को डस लिया। अचानक बच्चों के रोने और तबीयत बिगड़ने पर परिजन जाग गए थे। उन्हें घर में ही एक सांप नजर आया था। इस पर परिजन ने तुरंत उसको मौत के घाट उतार दिया। इस दौरान जब जहर के असर से तीनों को घबराहट होने लगी तो उनको केलवाड़ा अस्पताल लाया गया। यहां पर उपचार के दौरान तीनों की मौत हो गई. इस संबंध में थाने से ही पुलिस को सूचना मिली थी। घटना के बाद परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सभी परिजन केलवाड़ा अस्पताल में जमा हो गए। इसके बाद शव परिजन को सौंपे गए। इसके बाद वे शव लेकर शिवपुरी जिले स्थित गांव रवाना हो गए।

खुशियां मातम में बदली

पिंकी चंदेल राखी के पहले अपने पिता राम सिंह के घर महोदरा गांव आई थी। उसके साथ बेटा और बेटी भी थी। पिंकी ने अच्छे से राखी का त्योहार मनाया और वापस जाने वाली थी लेकिन बच्चों के ननिहाल में रुकने की जिद की और परिजनों ने भी मनुहार की। इसके चलते वो रुक गई थी। ऐसे में यह घटना हो गई। वहीं किशनगंज विधायक ललित मीणा ने भी इस घटना पर शोक जताया है। उन्होंने कहा कि समरानियां क्षेत्र के महोदरा गांव में रात को सर्पदंश की घटना में मां, बेटी और बेटे मौत दुखद है।

फोटो से हुई सांप की प्रजाति की पहचान

थानाधिकारी मानसिंह ने बताया कि पिंकी के परिजन सांप का फोटो भी लेकर आए थे, इसे चिकित्सकों को दिखाया है। डॉ. राजेश राजावत ने बताया कि यह कॉमन करैत प्रजाति का है। इस सांप के काटने का पता भी नहीं चलता है, जिस तरह से मच्छर बाइट करता है, वैसे ही है यह स्नेक बाइट कर देता है। इसीलिए इसको साइंलेंट किलर कॉमन करैत कहते हैं।

परिजनों का कहना है कि सांप ने बच्चे की उंगली और बच्ची के पैर पर काटा है, जबकि पिंकी को कहां पर डसा, इसका पता नहीं चल सका। मृतका के भाई नरेश चंदेल ने बताया कि 8 अगस्त को बहन को मेरा छोटा भाई रक्षाबंधन के एक दिन पहले महोदरा लेकर आया। सोमवार रात्रि को कच्चा मकान जिन पर फारसी चढ़ी होती है। ऐसे ही एक घर में तीनों बिस्तर पर सो रहे थे। तड़के 4 बजे के लगभग उनके बिस्तर पर सांप की हलचल होने के कारण मृतका जागी और बोली कि यहां पर सांप है। इतने में ही सांप ने तीनों को डस लिया। पहले तीनों को लेकर हम सरसोद गए, वहां देसी उपचार कराया, मगर कोई फायदा नहीं देखने के कारण तुरंत गाड़ी कर केलवाड़ा अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच कर तीनों को मृत घोषित कर दिया।

बारिश में हर साल होती है सर्पदंश की घटनाएं

मानूसन के मौसम में जिले में हर साल कई मामले सर्पदंश के सामने आते हैं। दरअसल, मानसून में जमीन में पानी घुस जाने के कारण, मौसम में उमस बढ़ जाने के चलते सांप व अन्य सरीसृप प्रजाति के जीव बिलों से बाहर निकल आते हैं। यह सीजन इनके प्रजनन का भी होता है। ऐसे में यह खुले में अपनी सुरक्षा को लेकर आक्रामक रहते हैं। ज्यादातर मामलों में सांप द्वारा बचाव के रास्ते में दंश देना की वजह होती है।


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