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केलवाड़ा. कस्बे के आयुर्वेद औषधालय के नवीन भवन के लिए आवंटित भूमि पर अतिक्रमियों ने कब्जा किया हुआ है। जिससे विभाग के नए भवन का निर्माण खटाई में पड़ता नजर आ रहा है। दरअसल प्रशासन गांवों के संग अभियान में गत 3 अप्रेल 2013 को जिला कलक्टर के आदेशानुसार ग्राम केलवाड़ा की खसरा नंबर 507 में आयुर्वेद औषधालय के नवीन भवन के निर्माण के लिए तीन बीघा भूमि आवंटित की गई थी। तब से भूमि खाली पड़ी होने के कारण ये अतिक्रमियों की नजर से बच नहीं पाई और इस पर अतिक्रमण हो गया। अतिक्रमियों ने यहां कहीं पत्थर की चारदीवारी तो कही पक्के फाउंडेशन तक बना रखे है। यहां विभाग का करीब 20 लाख की लागत से औषधालय भवन का निर्माण होना है। जिसके टेंडर भी जारी हो चुके है
अतिक्रमण हटाने
की मांग
आयुर्वेद औषधालय के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. रमेशचन्द शर्मा ने मंगलवार को उपतहसील कार्यालय केलवाड़ा में ज्ञापन सौंपकर उक्त भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। प्रभारी ने नायब तहसीलदार को जिला कलक्टर के नाम दिए ज्ञापन में बताया कि इस भूमि पर नवीन भवन के निर्माण के लिए आयुष मिशन राजस्थान द्वारा बजट आवंटित होकर शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारम्भ होने वाला है। जबकि इस आवंटित भूमि पर अतिक्रमियों ने पत्थर डाल रखे है। प्रभारी ने निर्माण कार्य के प्रारम्भ होने से पहले इस अवैध अतिक्रमण को हटाने की मांग की है।
कस्बे में आयुवेद औषधालय पिछले एक दशक से संचालित है, लेकिन यह कस्बे के विश्वकर्मा चौराहे के पास एक जीर्ण-शीर्ण स्कूल भवन में संचालित है। गत अप्रेल 2013 में तत्कालीन सरपंच नीरज मीणा के प्रयासों से आयुर्वेद विभाग को रसायनशाला के पास खीरिया रोड पर तीन बीघा भूमि आवंटित की गई थी। जहां अब करीब 20 लाख की लागत से आयुर्वेद औषधालय के नवीन भवन का निर्माण होने जा रहा है, मगर अतिक्रमण यहां निर्माण में बाधा बना हुआ है।कस्बे में आयुवेद औषधालय पिछले एक दशक से संचालित है, लेकिन यह कस्बे के विश्वकर्मा चौराहे के पास एक जीर्ण-शीर्ण स्कूल भवन में संचालित है। गत अप्रेल 2013 में तत्कालीन सरपंच नीरज मीणा के प्रयासों से आयुर्वेद विभाग को रसायनशाला के पास खीरिया रोड पर तीन बीघा भूमि आवंटित की गई थी। जहां अब करीब 20 लाख की लागत से आयुर्वेद औषधालय के नवीन भवन का निर्माण होने जा रहा है, मगर अतिक्रमण यहां निर्माण में बाधा बना हुआ है।
Published on:
28 Feb 2018 05:56 pm
