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Rajasthan: किराए पर ली 7 कारों को 28 लाख में बेचा, मालिक गाड़ी लेने आए तो मचा हड़कंप

शादी समारोह और सैर सपाटे को जाने वाली पार्टियों को किराए पर कार उपलब्ध कराने वाले वाहन मालिकों को अब अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। हाल ही में कार किराए पर लेकर उसे औने-पौने दामों में बेचने और निवेश के नाम पर लाखों की ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

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baran police

फोटो पत्रिका

बारां। शादी समारोह और सैर सपाटे को जाने वाली पार्टियों को किराए पर कार उपलब्ध कराने वाले वाहन मालिकों को अब अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। हाल ही में कार किराए पर लेकर उसे औने-पौने दामों में बेचने और निवेश के नाम पर लाखों की ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शातिरों ने शहरी के साथ ग्रामीणों की जेब पर भी नजर गढ़ा दी है।

शातिरों ने कोटा समेत विभिन्न शहरों से 7 कार स्वयं की ट्रेवल्स एजेंसी में किराए पर लगाने के बहाने लिया और उन्हें बारां के सीसवाली कस्बा समेत आसपास के गांवों में 28 लाख रुपए में बेचकर फरार हो गए। इसके आलावा आरोपियों ने शेयर मार्केट में निवेश कराकर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर और पिता के इलाज के नाम पर भी करीब एक दर्जन लोगों से 41 लाख समेत कुल 70 लाख की ठगी की है।

जांच में करोड़ों का घपला होगा उजागर

आरोपी मूल रूप से बारां सदर थाना क्षेत्र के पीलिया (कोयला) निवासी है, लेकिन अक्सर कोटा शहर में रहते है। कुछ कार तो कोटा शहर से ही किराए पर ली गई थी। कोटा से कुछ कार मालिक सीसवाली पुलिस के पास भी पहुंचे है।

इस मामले में ठगी का शिकार लोगों ने सीसवाली, बारां कोतवाली ओर पुलिस अधीक्षक को सदर थाना के पीलिया निवासी भगवान और उसके पुत्र शुभम, शिवम एवं संदीप गोस्वामी के खिलाफ उक्त आरोप लगाते हुए परिवाद दिए है। इस पर जांच और आरोपियों की तलाश की जा रही है। परिवादी रमाकांत मीणा ने कई लोगों से धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए गहन जांच होने पर करोड़ों की धोखाधड़ी का मामला उजागर होने की संभावना जताई है।

जीपीएस से खुला राज

सीसवाली थाना प्रभारी किरदार अहमद ने बताया कि 27 अप्रेल को कुछ लोगों ने सदर थाना के पीलिया निवासी शुभम, शिवम एवं संदीप गोस्वामी के खिलाफ आरोप लगाते हुए परिवाद दिया था।

मामले की अब तक की जांच में सामने आया कि आरोपी अक्सर कोटा शहर में रहते है तथा उन्होंने झांसेबाजी कर पीडि़तों से मांगरोल उपखंड मुख्यालय पर गाडिय़ों को रहन और बेचान संबंधी नोटेरी कागज तैयार कराए। एक-दो गाड़ी मालिक ने जीपीएस लगाए हुए है। इससे वह लोकेशन ट्रेक करते रहे। कुछ दिनों तक गाड़ी एक ही क्षेत्र में रही तो मालिक घरों पर पहुंच गए। उसके बाद थाने पहुंचे तो सारा राज खुल गया। कारों पर विभिन्न जिलों की नंबर प्लेट लगी हुई है।

10-15 की कार 2-3 लाख में दे दी

आरोपियों ने रकम दोगुना कराने और पिता के इलाज के बहाने झांसेबाजी करते हुए विश्वास में लेकर उदपुरिया निवासी नरेन्द्र से किश्तों में 5 लाख, सीसवाली के राकेश से 3.50 लाख, महुआ के नरेन्द्र से 4 लाख, धीरज से चार लाख, सीसवाली के सतीश से दो लाख, भैरूपुरा के सुऱेश से एक लाख, धनराज से दो लाख, जितेन्द्र से दो लाख, सीसवाली के गोलू अंसारी से 60 हजार, रायथल के राकेश से 4 लाख व बारां शहर के मांगरोल रोड निवासी रमाकांत से चार लाख और एक अन्य नरेन्द्र से 9 लाख समेत करीब 41 लाख की चपत लगाई।

वहीं, किराए पर ली एक कार परिवादी रायथल के रवि रैगर को ढाई लाख में बेच दिया। इसके बाद छत्रपुरा, पापड़ी और सीसवाली में 10-15 लाख की कार डेढ़ से साढ़े 3 लाख में रहन रख दी। एक किसान को तो ट्रैक्टर और कार 11 लाख में रख दिए।

सीसवाली थाना प्रभारी किरादर अहमद ने बताया कि इस मामले में गाड़ी मालिकों की ओर से कोटा के उद्योग नगर और कुंहाड़ी थाने पर रिपोर्ट दी हुई है। इस पर वहां की पुलिस भी जांच कर रही है। वहीं, सीसवाली में दिए परिवाद पर भी आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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