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इनकी पहल काम आई
परिसर को सुुदर व सुसज्जित बनाने में भले ही बाद में ग्राम पंचायत द्वारा इंटरलोकिंग कार्य, चारदीवारी, स्नानघर एवं शौचालय का निर्माण करवाया गया है। परिश्रम करने वाली टीम में नीरज सनाढय की अगुवाई में मांगीलाल सेन,बजरंग काछी एवं कालू कुशवाह, हरीश मेहता, दिनेश चक्रधारी, मनीष सनाढ्य, नवल शर्मा एवं कमल कुशवाह समेत करीब एक दर्जन युवाओं ने दिन रात मेहनत करके रोजाना श्रमदान किया। पहले परिसर की गंदगी बुहारी उसके बाद परिसर का समतल किया। धीरे-धीरे बगीचा विकसित कर पौधारोपण किया। नीचे दूब उगाकर फूलों के पौधे लगा दिए। इसके बाद जनसहयोग जुटाकर लोगों के बैठने के लिए बैंचे लगवाई तो वहीं दाह संस्कार के लिए लकडिय़ों का भंडारण भी जुटा लिया। अब करीब डेढ़ लाख रुपए के जनसहयोग के बाद समिति का गठन कर अहसहाय एवं लावारिश शवों के अंतिम संस्कार के लिए भी निशुल्क लकडिय़ों की सुविधा मुहैया की जाने लगी है।