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कड़ाके की सर्दी बढ़ाएगी हर बाली में गेहूं के दाने, सरसों के दानों में आएगा दम

इन दिनों जारी शीत लहर ने गेहूं व सरसों समेत रबी की अन्य फसलों का रंग जमा दिया है। अगर जनवरी में सर्दी का असर रहा तो जिले में गेहूं का बम्पर उत्पादन होगा।

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इन दिनों जारी शीत लहर ने गेहूं व सरसों समेत रबी की अन्य फसलों का रंग जमा दिया है। अगर जनवरी में सर्दी का असर रहा तो जिले में गेहूं का बम्पर उत्पादन होगा। मौसम के इस मिजाज से किसानों की बांछे खिल गई है। कृषि अधिकारियों का कहना है यदि पूरे जनवरी माह में सर्दी का असर बना रहता है तो यह गेहूं के लिए मुफीद साबित होगा।

बारां जिले में इस वर्ष लगभग 1 लाख 22 हजार हैक्टेयर में गेहूं की बुवाई है। हालांकि मौसम का यह मिजाज सब्जी उत्पादन पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। यह दौर बना रहने से सब्जियों के झुलसने के पूरे आसार हैं। बीते तीन दिनों से जिले में शीतलहर चल रही है। तापमान लुढ़ककर 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। दिन व रात को गलन का जोर बढ़ गया है। किसान पूरे दिसम्बर माह में सर्दी नहीं पडऩे से फसलों के बम्पर उत्पादन के प्रति आशंकित होने लगे थे।

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कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह सर्दी गेहूं की फसल के लिए विशेष रूप से फायदेमंद साबित होगी। इससे गेहूं की पौधों पर लगी बालियों की लम्बाई बढ़ेगी। लम्बाई बढऩे से फलियों में दानों की संख्या बढ़ेगी। आम तौर पर बाली की एक शाख में 45 से 50 दाने निकलते हैं। सर्दी का जोर बढऩे से दानों की संख्या 60 से अधिक हो जाती है और यदि सर्दी कम रहे तो यह घटकर 30 तक रहे जाते हैं। ऐसे में गेहूं की फसल के लिए सर्दी की खासी आवश्यकता रहती है।


जिले में अधिकांश क्षेत्रों में सरसों की अगैती बुवाई हुई है। ऐसे में अब यह फलियां बनने के बाद पकाव की अवस्था में पहुंचने लगी है, लेकिन बाद की बुवाई वाली सरसों में अभी फलियां बनने का दौर चल रहा है। ऐसे में सर्दी से इन फलियों की बढ़वार होने के साथ इनके दानों में भी दम आएगा। ककृषि अधिकारियों के बनुसार जिले में फरवरी माह मेें सरसों की कटाई शुरू हो जाएगी। जिले में इस वर्ष करीब 1 लाख 53 हजार हैक्टेयर में सरसों की बुवाई है।

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सब्जियों में लग सकता है झुलसा रोग
मौसम का यह मिजाज सब्जियों के बम्पर उत्पादन में रुकावट साबित हो सकता है। शीत लहर से सब्जियां झुलस सकती है और इनका उत्पादन काफी कम हो सकता है। हालांकि कृषि विशेषज्ञों का दावा है कि दो-तीन दिन में तापमान बढऩे से सब्जी उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

रबी की सभी फसलों के लिए सर्दी की खासी जरूरत रहती है। इनदिनों चल रही शीतलहर गेहूं की फसल के लिए खासी लाभदायक होगी। पौधों व बालियों की बढ़वार के साथ बाली की प्रत्येक शाख पर दानों की संख्या भी बढ़ेगी। अगर, जनवरी माह में अपेक्षित सर्दी रही तो सभी फसलों का उत्पादन अच्छा रहेगा, बशर्ते अन्य कोई व्यवधान नहीं आए।

अतीश कुमार शर्मा, उपनिदेशक कृषि विस्तार