
बारां। जलवाड़ा कस्बे सहित क्षेत्र व मध्यप्रदेश में हो रही बारिश से पार्वती नदी की पुलिया पर पानी रहने से स्टेट हाईवे ढाई माह से बाधित है। इसके कारण दो दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जून के मध्य से बारिश होने करण पार्वती नदी में पानी की आवक होने के कारण देंगनी पुलिया पर चादर चल रही है। इससे स्टेट हाईवे 72 बराना मार्ग 70 दिन से बाधित है। इस कारण खल्दा, कुंडी, बमोरी, बालापुरा, किशनपुरा, अहमदा, अहमदी, कदीली, रामबिलास, छत्रगंज, खल्दी, हरिपुरा, मालोटी, लाटखेड़ा, पीतामपुरा, रामपुरा, नेहरूपुरा सहित अन्य गांवों के लोगो को आने-जाने में परेशानी हो रही है।
अटरू उपखण्ड के अरनिया, देंगनी, बहादुरगंज, मंडल बिसोती, पिपलोद, मोतीपुरा, बागली, रहलाई गांव में स्टेट हाईवे 72 का मार्ग शॉर्टकट होने के कारण लोग इसी मार्ग से जाते थे। इस मार्ग पर उक्त गांवों में जाने के लिए मात्र 6 से 10 किमी की दूरी तय करनी पड़ती थी। अब लोगो को किशनगंज व बारां होते हुए जाना पड़ रहा है। इसमें लोगों को 60 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है। अभी भी पुलिया पर दो फीट है। लोगों ने बताया कि नदी में आए उफान से पुलिया भी क्षतिग्रस्त हो गई है। इसी प्रकार सुखार नदी की रपट भी क्षति ग्रस्त हो गई है।
इधर भी ढाई माह से मार्ग बाधित
जलवाड़ा से अटरू जाने वाला मार्ग भी पार्वती नदी के किशनपुरा की रपट पर भी ढाई माह से पानी होने के कारण बाधित है। कस्बे से अटरू की दूरी 9 किलोमीटर है। अभी अटरू पहुंचने में 80 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही है। इसमें काफी समय लग जाता है। पार्वती नदी की देंगनी की पुलिया अरसे से हादसों का सबब बनी है। 30 वर्ष में बारिश के दौरान पुलिया से गुजरते समय पानी में बहने से कई लोगो की मौत हो गई है। कई को लोगो ने बचाया भी है। इस वर्ष भी 8 अगस्त को आगरा शमशाबाद निवासी रूपेश कुमार राजपूत की पानी में बहने से मौत हो गई।
उच्च स्तरीय पुल बने तो मिले राहत
दो उपखंडो के दर्जनों गांवों के लोगों पार्वती नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण के बाद ही राहत मिलेगी। हालांकि राज्य सरकार ने इस वर्ष बजट में उच्च स्तरीय पुल निर्माण की घोषणा तो कर दी है। इससे क्षेत्र के लोगों में खुशी भी है। लेकिन पुल का निर्माण कब होगा, ये अभी तय नहीं है।
Published on:
31 Aug 2022 01:10 pm
बड़ी खबरें
View Allबारां
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
