अब तक नहीं ली किसी ने सुध, चार दिन से कैद हैं 'भगवान विष्णु'

बड़वा में 20 मई को मिली भगवान विष्णु की एतिहासिक प्रतिमा का मामला

By: mukesh gour

Published: 23 May 2021, 11:40 PM IST

विजय बत्रा. अन्ता. बड़वा में २० मई को मिली भगवान विष्णु की एतिहासिक प्रतिमा चार दिन से अन्ता थाने की निगरानी में है। इस दौरान सूचना मिलने के बावजूद पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने यहां आकर भगवान की सुध नहीं ली। वहीं जिला कलक्टर की ओर से भी कोई निर्देश नहीं मिले। ऐसे में भगवान बिना पूजा अर्चना के थाने में कैद हैं। विदित रहे कि २० मई की सांय बड़वा ग्राम में तालाब खुदाई के दौरान भगवान विष्णु की लगभग डेढ़ क्विंटल वजनी प्राचीन प्रतिमा निकली थी। जिसे गांव वालों की समझाइश के बाद अन्ता थाने लाया गया। शंख, चक्र, गदा और पद्म धारण की हुई यह प्रतिमा बहुत प्राचीन बताई जा रही है। ऐसे में पुलिस ने उसी दिन प्रतिमा को थाने में सुरक्षित रख पुरातत्व विभाग तथा जिला कलक्टर को सूचना भेज दी। अब तक प्रतिमा का एतिहासिक महत्व जानने के लिए कोई अधिकारी अन्ता नहीं पहुंचा। थानाधिकारी लक्ष्मी चंद वर्मा के अनुसार भगवान विष्णु की प्राचीन मूर्ति मालखाने में जमा है। बीच में दो दिन का अवकाश भी था। ऐसे में प्रतिमा को कहां रखा जाना है। यह कार्य उच्चाधिकारियों से मिले निर्देश के बाद ही किया जा सकेगा।

read also : सांसें लेकर एक माह में दौड़ी 229 ऑक्सीजन एक्सप्रेस
ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज
दूसरी ओर बड़वा में भगवान विष्णु जी. की प्राचीन प्रतिमा मिलने के बाद धार्मिक माहैाल के बीच ग्रामीणों ने इसे पास ही स्थित लालबाई माताजी के मंदिर में रख दिया था। जहां घी से नहलाकर इसकी पूजा अर्चना भी शुरू की गई। बाद में एतिहासिक महत्व के कारण पुलिस जाब्ते ने जब इसे अन्ता लाने के लिए जीप में रखा तो ग्रामीणों ने मूर्ति गांव में ही स्थापित किए जाने की मांग करते हुए प्रतिमा को वापस उतार लिया। ऐसे में गांव के चार नामजद सहित अन्य लोगों के खिलाफ स्थानीय थाने में महामारी अधिनियम की अवहेलना, अशांति फैलाने आदि धाराओं में प्रकरण दर्ज हुआ है। पुलिस इन आरोपियों की तलाश कर रही है।

read also : कोटा में 17 ब्लैक फंगस के नए मरीज सामने आए
बड़वा में पहले भी मिले प्राचीन स्तम्भ
बावडिय़ां एवं कई मंदिरों के चलते अन्ता के निकटवर्ती गांव बड़वा का सम्बन्ध प्राचीन काल से है। जानकारी के अनुसार सन् 1935-36 में यहां से विक्रम संवत 238 ई. के तीन यूप लेख (स्तम्भ) भी मिले थे। जिनमें मौखरी वंशीय महा सेनापति बल के तीन पुत्र बलवर्धन, सोमदेव एवं बलसिंह का उल्लेख था। यह लूप लेख कोटा संग्रहालय में मौजूद बताए जा रहे हैं।

mukesh gour
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned