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कृषि मंडी में नई धान की बम्पर आवक, बना अब तक का नया रेकॉर्ड

कृषि मंडी में नई धान की बम्पर आवक हुई। करीब दो लाख बोरी (एक लाख क्विंटल) धान आने से अब तक का नया रेकॉर्ड बन गया। इससे मंडी की समस्त व्यवस्थाएं ढेर हो गई।
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बारां

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kamlesh sharma

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Updated: 11 Nov 2022, 2:44 PM IST

New paddy bumper in agricultural mandi in baran

बारां। कृषि मंडी में गुरुवार को नई धान की बम्पर आवक हुई। करीब दो लाख बोरी (एक लाख क्विंटल) धान आने से अब तक का नया रेकॉर्ड बन गया। इससे मंडी की समस्त व्यवस्थाएं ढेर हो गई। एक दिन पहले मंडी में एक लाख कट्टे मक्का की आवक हुई थी। जिले में अतिवृष्टि से हुए फसल खराबे के बाद पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश व प्रदेश के सवाईमाधोपुर से हो रही जिंसों की आवक ने मंडी व्यापारियों के कारोबार को पंख लगा दिए।

जिंस की भरपूर आवक से अब मंडी परिसर छोटा पड़ने लगा है। धान की बम्पर आवक ने चावल मिल संचालकों को खरीद के लिए बारां आने को विवश कर दिया है। बुधवार को मंडी में एक लाख कट्टे मक्का की आवक हुई थी। अब हालात यह है कि समय पर न तो जिंस की तुलाई हो पा रही और न ही डम्प जिंस का उठाव हो रहा।

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मंडी की सड़कों पर लगी ढेरियों के चलते चारपहिया वाहनों की आवाजाही पर भी ब्रेक लग जाते हैं। व्यापारी इसके लिए किसानों को जिम्मदार ठहराते हैं तो किसान समय पर नीलामी शेड्स से डम्प जिंस का उठाव नहीं होने के कारण सड़कों पर ढेरियां लगाने की मजबूरी बताते हैं। इससे ढेरियों में से बीस-पच्चीस किलो जिंस बेकार चली जाती है। मंडी में इनदिनों रोजाना करोड़ों का कारोबार हो रहा है।

यहां मंडी में धान की सर्वाधिक आवक पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से हो रही है। जिले की सीमा से लगे एमपी के श्योपुर, शिवपुरी व गुना के किसान धान व मक्का लेकर बारां मंडी में आ रहे हैं। तो राज्य के सवाईमाधोपुर जिले के बारां जिले से नजदीक कस्बों से सोयाबीन की बम्पर आवक हो रही है। इससे मंडी की सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गई हैं तो परिसर छोटा पडऩे लगा है। मंडी क वर्ग व्यापार संघ के अध्यक्ष मनीष लश्करी का कहना है कि बारां कृषि प्रधान जिला होने के साथ एमपी के कृषि प्रधान जिलों से सीधा जुड़ा है। ऐसे में परिसर का विस्तार किया जाना आवश्यक हो गया है।

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नकद भुगतान से आ रहे किसान
बारां मंडी में बरसों से नकद हिसाब की परम्परा चली आ रही है, जबकि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में किसानों को जिंस बेचने के एक पखवाड़े बाद व्यापारी भुगतान करते हैं। इनदिनों रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बुवाई का जोर रहने से किसानों को खाद, बीज के लिए राशि की खासी आवश्यकता रहती है। ऐसे में वहां के किसान लंबी दूरी तय कर बारां आ रहे हैं।

आज खरीद नहीं
कृषि उपज मंडी के सचिव मनोज मीणा ने बताया कि मंडी परिसर से डम्प जिंस का उठाव नहीं होने से शुक्रवार को जिंस की नीलामी नहीं होगी। इस दिन रात 11 बजे धान के अलावा अन्य जिंसों को मंडी में प्रवेश दिया जाएगा। रविवार रात 11 बजे से धान को मंडी में प्रवेश मिलेगा। उन्होंने सभी किसानों से व्यवस्था बनाने में सहयोग की अपील की है।