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पत्रिका एक्सक्लूसिव: राजस्थान का सरकारी स्कूल, जहां एक भी छात्र नहीं, फिर भी शिक्षक तैनात, बिना पढ़ाए ही मिल रही सैलरी

बारां जिले के देवरी क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय रायपुर में इस सत्र में एक भी छात्र का नामांकन नहीं है फिर भी दो शिक्षक तैनात हैं। ग्रामीणों के पलायन और छोटे बच्चों की कमी के कारण स्कूल में नामांकन शून्य हुआ है।
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बारां

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Akshita Deora

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बलराम मेहता

Jul 28, 2026

Baran Devri Govt School

देवरी क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय रायपुर में जीरों बच्चों का नामांकन (फोटो: पत्रिका)

बलराम मेहता

Rajasthan Government School Reality Check: नामांकन बढ़ाने के लिए भले ही अभियान चलाया जा रहा हो लेकिन बच्चों की संख्या बढ़ना तो दूर, जो बच्चे पहले से पढ़ रहे थे उन्हें भी रोक पाना मुश्किल हो रहा है। राजस्थान में बारां जिले के आदिवासी बहुल देवरी क्षेत्र की ग्राम पंचायत बीलखेड़ा माल के राजकीय प्राथमिक विद्यालय रायपुर में बच्चों का नामांकन शून्य है फिर भी विद्यालय चल रहा है। विद्यालय में 2 शिक्षक कार्यरत हैं जो सुबह विद्यालय पहुंचते हैं और समय पूरा होते ही ताला लगाकर घर लौट जाते हैं। पिछले वर्षों में नामांकित बच्चों की संख्या कभी भी दहाई के पार नहीं रही। इस वर्ष तो नामांकन शून्य पर आ गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन और शिक्षकों की सुविधा होने के बावजूद बच्चों की कमी के कारण सरकारी संसाधनों का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। गांव में लगातार हो रहे पलायन और कम होती आबादी का असर अब शिक्षा व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है।

गांव में अब छोटे बच्चे ही नहीं

गांव के हरिओम मेहता ने बताया कि रायपुर गांव में पांच-छह परिवार ही निवास कर रहे हैं। इसमें छोटे बच्चे नहीं हैं। अधिकतर बच्चे बड़ी कक्षाओं में पढ़ने के लिए देवरी निजी विद्यालय में पढ़ रहे हैं। यहां कोई छोटे बच्चे नहीं होने की वजह से इस विद्यालय में जीरो नामांकन बना हुआ है। गांव में शिक्षा विभाग ने अच्छा भवन बना रखा है। दो शिक्षक भी तैनात कर रखे हैं फिर भी यहां नामांकन जीरो है।

पिछले सत्र में भी 3 बच्चे ही थे

देवरी क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय रायपुर में सत्र 2025-26 में तीन छात्र थे जिसमें से एक छात्र पांचवीं उत्तीर्ण कर अन्यत्र चला गया। वहीं दूसरे छात्र ने टीसी कटवा ली और तीसरा छात्र अपने परिजनों के साथ पलायन कर गया लेकिन इस सत्र में स्कूल में नामांकन पूरी तरह शून्य हो गया है। ऐसे में शिक्षा विभाग ने दो शिक्षक कार्यरत हैं जो लाखों रुपए बिना मेहनत के उठा रहे हैं। राजकीय प्राथमिक विद्यालय रायपुर के प्रधानाध्यापक ब्रजमोहन मेहता ने बताया कि हमने शून्य नामांकन के संबंध में पीईओ बीलखेड़ा माल, और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी शाहाबाद को सूचना दे रखी है।

अगर रायपुर विद्यालय में बच्चों का जीरो नामांकन है तो जानकारी लेकर विद्यालय को बंद करने की कार्यवाही की जाएगी।
रहीम उद्दीन, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, शाहाबाद

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