
फाइल फोटो- पत्रिका
Heavy Rain In Baran: राजस्थान में मानसून का कहर चरम पर है। बारां और केलवाड़ा क्षेत्र से आई घटनाओं ने प्रशासन और आमजन की नींद उड़ा दी है। बारां जिले में भारी बारिश के कारण पार्वती, परवन, कालीसिंध और अंधेरी नदियों का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है। जिले के आधे दर्जन से ज्यादा मार्गों का गांवों से संपर्क पूरी तरह कट चुका है। छबड़ा-रूठियाई मार्ग को पार्वती नदी के उफान ने बंद कर दिया है। वहीं, वाणगंगा नदी में बहा एक युवक अब तक लापता है, जिसकी तलाश में राहत दल लगे हुए हैं।
बारां जिले के भड़का खाल क्षेत्र में एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने 2 अगस्त तक सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। वहीं दूसरी ओर, केलवाड़ा से सिमलौद जाते समय नाहरगढ़ क्षेत्र में 5 लोग अचानक बाढ़ के बहाव में बह गए। SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के सहयोग से 2 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। बाकी 3 लोगों ने बड़ी मशक्कत के बाद खुद को बाहर निकाला। क्षेत्रीय विधायक ललित मीणा और नाहरगढ़ थाना प्रभारी ने स्थानीय लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि राज्य में आपदा प्रबंधन की सतर्कता अब और जरूरी हो चुकी है। SDRF और प्रशासन की तत्परता से जहां कई जिंदगियां बच गईं, वहीं कुछ जगहों पर हादसे भी हो चुके हैं।प्रशासन ने नदियों और नालों के पास जाने से मना किया है और आमजन से अपील की है कि वे मौसम विभाग के अलर्ट पर ध्यान दें।
Updated on:
30 Jul 2025 07:35 am
Published on:
30 Jul 2025 07:35 am
