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राजस्थान में MLA के व्यवहार से आहत डॉक्टर का इस्तीफा, बोले-गालियां सुनने के लिए पद ग्रहण नहीं किया

Baran News: दो दिन पहले निरीक्षण के दौरान विधायक राधेश्याम बैरवा की फटकार से आहत जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. नरेन्द्र कुमार मेघवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

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MLA Radheshyam Bairwa Dr. Narendra Kumar Meghwal

दो दिन पहले निरीक्षण के दौरान विधायक बैरवा, पीएमओ डॉ. मेघवाल और सीएमएचओ डॉ. सक्सेना। फोटो: पत्रिका

बारां। दो दिन पहले निरीक्षण के दौरान विधायक राधेश्याम बैरवा की फटकार से आहत जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. नरेन्द्र कुमार मेघवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने नवंबर 2024 में पीएमओ का पदभार ग्रहण किया था।

जानकारी के अनुसार गत 9 अप्रेल को बारां विधायक राधेश्याम बैरवा ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था।
इस दौरान ओपीडी में टॉयलेट की सफाई व्यवस्था को लेकर पीएमओ को जिम्मेदार ठहराते हुए फटकार लगाई थी। करीब एक पखवाड़े पहले भी इसी तरह बैरवा ने ओपीडी में उपचार पर्ची काउंटर और दवा वितरण केन्द्रों के बाहर मरीजों व तीमारदारों की लाइन को देखकर डीडीसी की संख्या बढ़ाने के निर्देश देते हुए काफी नाराजगी जताई थी।

विधायक ने पीएमओ को सुनाई थी खरीखरी

उस समय भी विधायक ने पीएमओ को खरीखरी सुनाई थी। इस तरह आए दिन विधायक के निरीक्षण तथा और छोटी-छोटी बातों को लेकर आमजन के सामने अपमानित करने से पीएमओ मेघवाल आहत थे। उन्होंने गत 9 अप्रेल की शाम चिकित्सा विभाग के निदेशक को अपना इस्तीफा भेज दिया।

गालियां सुनने के लिए पद ग्रहण नहीं किया: पीएमओ

पीएमओ डॉ. नरेन्द्र कुमार मेघवाल ने कहा कि बारां जिले के लोगों की सेवा करने के लिए पद ग्रहण किया था। गालियां सुनने के लिए नहीं। अपने कार्यकाल के दौरान कई सुधार कार्य किए। बच्चों के वार्ड में अब एक बेड पर दो-तीन बच्चों को नहीं रखा जाता है। इमरजेंसी वार्ड, ऑक्सीजन प्लांट, पीकू वार्ड समेत कई कार्य करवाए। अपना शत-प्रतिशत समय दिया। अब कुछ विषम परिस्थितियों के कारण पद से कार्य मुक्त होना चाहता हूं। पीएमओ पद से अपना त्याग पत्र निदेशालय को भेजा है।

विधायक बोले- सफाई के लिए कहा था

बारां-अटरु विधायक राधेश्याम बैरवा ने कहा कि अपने कार्य के प्रति सभी की जिम्मेदारी सरकार की ओर से तय की हुई है। यदि जिला चिकित्सालय में ही गंदगी रहेगी तो अन्य से क्या अपेक्षा की जा सकती है। पीएमओ को चिकित्सालय में सफाई की पुख्ता व्यवस्था करने के लिए कहा गया था। यदि यह किसी को दबाव लगता है तो इसमें दोष क्या। सरकार की प्राथमिकता आमजन के हितों को प्राथमिकता देना है।