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थानाधिकारी की सूझबूझ से परिवार टूटने से बचा, फिर एक हुए पति-पत्नी

भटवाड़ा में पति-पत्नी के बीच होने वाली तकरार घर की चारदीवारी से निकलकर थाने तक पहुंच गई, लेकिन सीसवाली थानाधिकारी उत्तम सिंह की सूझबूझ से परिवार टूटने से बच गया।
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बारां

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Santosh Trivedi

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Updated: 2 Feb 2023, 3:26 PM IST

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क/बारां/सीसवाली। भटवाड़ा में पति-पत्नी के बीच होने वाली तकरार घर की चारदीवारी से निकलकर थाने तक पहुंच गई, लेकिन सीसवाली थानाधिकारी उत्तम सिंह की सूझबूझ से परिवार टूटने से बच गया। भटवाड़ा निवासी सत्यनारायण ने अपनी पत्नी और बेटे को 8 माह से पीहर छोड़ रखा था। आपसी मनमुटाव के चलते साथ रखने को राजी नहीं था। लेकिन पीहर रायथल में रह रही सुगना ने जब थाने में परिवाद दिया। तब पुलिस हरकत में आई।

एक दूसरे को माला पहना कर घर आ गए:
पुलिस की सूझबूझ और समझाइश काम आई और महिला की काउंसिलिंग कराई गई। इसके बाद पति पक्ष के लोगों से भी उनकी समस्याओं, सोच और विचार के मुताबिक गृहस्थी का माहौल बनाने का अनुरोध किया गया। इससे महिला का घर टूटने से बच गया। वहीं समझाने पर महिला भी अपने पति के साथ खुशी से रहने के लिए राजी हो गई। दोनों पति-पत्नी एक दूसरे को माला पहना कर घर आ गए।

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छह माह तक रखेंगे दोनों पर निगरानी:
थानाधिकारी उत्तम सिंह ने बताया की सुलह के बाद छह महीने तक निगरानी की जाती है। महिला उत्पीड़न और प्रताड़ना की अधिकतर शिकायतें आती हैं। इन शिकायतों पर हम सख्त कदम उठाने से पहले दोनों पक्षों को आमने-सामने कर सुलह का प्रयास करते हैं। अगर महिला ज्यादा डिप्रेशन में है तो उसकी काउंसिलिंग कराई जाती है। फिर परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उस महिला को अपनी गृहस्थी बसाने का मौका दिया जाता है। ससुराल में जाने के बाद छह माह तक उससे लगातार संपर्क में रहते हैं।