
उत्तर प्रदेश का एक घर, हमेशा की तरह दुधवाला सुबह-सुबह घर के मेन गेट पर आता है पर दरवाजा नहीं खुलता। दुधवाला अपने काम में लग जाता और पड़ोसियों को बताकर वहां से चला जाता है। कुछ घंटे बाद पड़ोसी अवाज लगाते हैं पर अंदर कोई सुगबुगाहट तक नहीं होती। लोगों को कुछ अजीब सा लगा क्योंकि सुबह से उस घर से कोई भी शख्स बाहर नहीं निकला था। पड़ोसियों ने इस बात की जानकारी पुलिसवालों को दी। पुलिस आई और घर का दरवाजा तोड़ा। अंदर के हालात देखने के बाद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। अंदर एक बुजुर्ग की लाश पड़ी हुई थी और ठीक उसके बगल में उसका बेटा बेहोशी की हालत में पड़ा था।
ये पूरा मामला उत्तर प्रदेश के बरेली के सुभाषनगर का है। यहां 70 वर्षीय हरीश माथुर अपने बेटे मोहित माथुर के साथ रहते थे। हरीश की पत्नी की दो महीने पहले मौत हो चुकी थी। मोहित रात में कहीं नौकरी करता था और सुबह लेट उठता था। लोगों ने बताया कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। सोमवार को जब लेट तक घर का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने जब घर का दरवाजा खोला तो घर के अंदर हरीश माथूर का शव पड़ा था और उन्हें खून की उल्टी हुई थी।
इस मामले की सूचना पर एसपी सिटी राहुल भाटी और सीओ संदीप सिंह भी पहुंच गए। इसके बाद फोरेंसिक टीम को बुलाकर हरीश माथुर के शव और घर की जांच कराई गई। मगर उनके शव पर संघर्ष का कोई निशान नहीं मिला तो पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम को भेज दिया। पुलिस रविवार रात को उनकी मौत होने की आशंका जता रही है। इसके अलावा मोहित के पिता का शव देखकर बेहोश होने की बात कही जा रही है। फिलहाल हरीश के पोस्टमार्टम और मोहित के होश में आने के बाद स्थिति साफ होगी।
Published on:
20 Aug 2024 01:43 pm
बड़ी खबरें
View Allबरेली
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
