1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

शरीयत को लेकर पर्सनल लॉ बोर्ड जदीद की बैठक, आ सकता है बड़ा फैसला

इस बैठक में देश भर के उलेमा जुटेंगे। जो तलाक, हलाला, बहु-विवाह, दारूल कजा और दारूल इफ्ता पर चर्चा करेंगे।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बरेली

•

image

Amit Sharma

•

Updated: 14 Jul 2018, 4:05 PM IST

muslim Woman

शरीयत को लेकर पर्सनल लॉ बोर्ड जदीद की बैठक, आ सकता है बड़ा फैसला

बरेली। इन दिनों तीन तलाक, हलाला और बहु विवाह की चारों तरफ चर्चा है और बरेली की रहने वाली दो पीड़ित समाज सेवियों ने तो इन प्रथा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है इन सबके बीच शनिवार को तलाक, हलाला, बहु विवाह, दारुल इफ्ता और दारूल कजा को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (जदीद) एक महत्त्वपूर्ण बैठक करने जा रहा है। ये बैठक दरगाह आला हजरत स्थित नबीरे आला हजरत मौलना तौकीर रज़ा खां के मेहमान खाने में होगी। जिसमें देश भर के उलेमा जुटेंगे। जो तलाक, हलाला, बहु-विवाह, दारूल कजा और दारूल इफ्ता पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही शरीयत को बदनाम करने वालों के खिलाफ अपना रुख साफ करेंगे।

यह भी पढ़ें- मथुरा: महिला डॉक्टर की चाकुओं से गोदकर हत्या

देश भर के उलेमा होंगे शामिल

बरेली की रहने वाली निदा खान और फ़रहत नक़वी ने तीन तलाक, हलाला, बहु विवाह के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है इतना ही नहीं महिलाओं के मामलों को सुलझाने के लिए महिला काजी की भी मांग की जा रही है। इसके बाद ही जदीद की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में इन सब मसलों पर विस्तार से चर्चा होगी और उलेमा अपना रुख साफ करेंगे। बैठक में उत्तराखण्ड से मौलाना ज़ाहिद रज़ा, झारखंड से मुफ़्ती याक़ूब, उत्तर प्रदेश से मौलाना रईस अशरफ, पश्चिम बंगाल से मौलाना सनाउलला, बिहार से मौलाना सैयद अहमद रज़ा, मौलाना अक़ील अख्तर, उत्तर प्रदेश के मौलाना फुरकान रज़ा, मौलाना हाशिम कानपुरी, पश्चिम बंगाल के मौलाना शाहनवाज़, महारष्ट्र से मौलाना हबीबुर रहमान समेत कार्यकारी के सभी सदस्य शामिल होंगे।

यह भी पढ़ें- लूट के बाद ठगी का शिकार हुई महिला, गिरफ्तार लुटेरे ने लौटाई नकली चेन

महिला काजी की मांग उठी

आला हजरत हेल्पिंग सोसायटी की अध्यक्ष और तीन तलाक पीड़ित निदा खान ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर देश में महिला काजी नियुक्त करने की मांग की है ताकि मुस्लिम महिलाओं के मामलों का ढंग से निस्तारण हो सके। निदा खान ने कहा कि महिला आयोग की तरह एक व्यवस्था बनाई जाए। ताकि शादी या तलाक का सारा रिकॉर्ड यहां मौजूद रहे। तलाक पीड़ित महिलाओं के लिए मेरा हक संगठन चलाने वाली फ़रहत नक़वी ने भी महिला काजी की मांग की है।

बड़ी खबरें

View All

बरेली

उत्तर प्रदेश