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शहामतगंज पुल पर सियासत, क्रेडिट लेने की होड़ में निरीक्षण करने पहुंचे सपा नेता

सपा सरकार में मंजूर हुए पुल का निरीक्षण कर उद्घाटन से पहले पूर्व मेयर डॉक्टर आईएस तोमर ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।
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बरेली

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Amit Sharma

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Updated: 2 Jan 2018, 3:30 PM IST

Bridge corporation

बरेली। शहर के दो हिस्सों को जोड़ने वाला शहामतगंज पुल लगभग तैयार हो चुका है। 42 करोड़ की लागत से बने इस ओवरब्रिज का अब फिनिशिंग का ही काम बाक़ी रह गया है और पुल का उद्घाटन मकर संक्रांति पर सीएम योगी आदित्यनाथ से कराने की कवायद चल रही है। इन सबके बीच पुल को लेकर एक बार फिर सियासत गर्म हो गई है।सपा सरकार में मंजूर हुए पुल का निरीक्षण कर उद्घाटन से पहले पूर्व मेयर डॉक्टर आईएस तोमर ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।

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डॉक्टर तोमर ने किया निरीक्षण

पुल का निर्माण कार्य अंतिम दौर में है और पूर्व मेयर डॉक्टर आईएस तोमर अचानक पुल के निरीक्षण के लिए पहुंच गए जिससे हंगामा खड़ा हो गया है। पुल पर गाड़ी ले जाने पर सवाल भी उठ रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन ने इस मामले में सेतु निगम को फटकार लगाई है।

क्रेडिट लेने की मची होड़

पुल बनकर तैयार है और अब इस पुल को बनवाने का क्रेडिट लेने की होड़ मची हुई है। भाजपा जल्द ही इस पुल का लोकार्पण कराने की तैयारी कर रही है वहीं समाजवादी पार्टी का भी कहना है कि ये पुल अखिलेश सरकार में मंजूर हुआ और बना है ये पुल समाजवादियों की देन है।


31 पिलर पर बना पुल

शहर को दो हिस्सों को जोड़ने के लिए शहामतगंज में फ्लाई ओवर की मांग लम्बे समय से चली आ रही थी और सपा सरकार में 10 जून 2015 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस फ्लाईओवर को मंजूरी दी। जिसके बाद 22 जुलाई 2016 को इस पुल का प्रपोजल मंजूर किया गया और 25 अक्टूबर 2016 को पुल के लिए भूमि पूजन किया गया। शहामतगंज का ये पुल 7.5 मीटर ऊंचा और 1017 मीटर लम्बा है ये पुल 31 पिलर पर टिका हुआ है और पुल को बनाने में करीब 42 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।