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अस्पताल में पत्नी को छोड़कर नवजात संग फरार हुआ पति, सच्चाई जान उड़े सबके होश, फिर हुआ ये

एक बेटी दहेज लोभियों की भेंट चढ़ गई, शादी के तीन साल बाद भी ससुराल वाले कार की मांग पर अड़े रहे। इतना ही नहीं, जब पीड़िता मां बनी और बेटी को जन्म दिया तो पति और ससुरालियों अस्पताल से बच्ची का उठा ले गए। फिलहाल गंभीर हालत में पीड़िता रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में जिंदगी और मौत से जूझ रही है।
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बरेली

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Avanish Pandey

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Updated: 9 Sep 2025, 3:01 PM IST

अस्पताल से नवजात का उठा ले गया पति (फोटो सोर्स: एआई)

बरेली। एक बेटी दहेज लोभियों की भेंट चढ़ गई, शादी के तीन साल बाद भी ससुराल वाले कार की मांग पर अड़े रहे। इतना ही नहीं, जब पीड़िता मां बनी और बेटी को जन्म दिया तो पति और ससुरालियों अस्पताल से बच्ची का उठा ले गए। फिलहाल गंभीर हालत में पीड़िता रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में जिंदगी और मौत से जूझ रही है। पीड़िता के पिता की तहरीर पर बारादरी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।

भोजीपुरा थाना क्षेत्र के गांव मुडिया चेतराम निवासी रोशनलाल ने करीब तीन साल पहले बेटी की शादी धूमधाम से बारादरी के मोहल्ला नवादा शेखान निवासी अरुण मौर्य के साथ की थी। शादी में घर-गृहस्थी का सामान, सोने-चांदी के गहने और नकद पांच लाख रुपये समेत लगभग दस लाख रुपये खर्च किए। इसके बावजूद पति अरुण मौर्य, सास कुंती देवी, ससुर भगवान दास, ननद शालू और अंजली तथा देवर अभिषेक दहेज से नाखुश रहे और लगातार कार की मांग करने लगे।

अस्पताल से नवताज बेटी को उठा ले गया पिता

पीड़िता के परिजनों के मुताबिक प्रीति जब गर्भवती हुई तो पति और ससुरालियों ने किसी डॉक्टर को नहीं दिखाया। हालत बिगड़ने पर उसे सेवा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने बेटी को जन्म दिया। मायके वालों को सूचना मिली तो पिता रोशनलाल तुरंत पहुंचे और प्रीति को साई सुविधा अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज का सारा खर्च पिता ने ही उठाया। इलाज के दौरान ससुराल वाले अस्पताल पहुंचे और धमकी दी कि दहेज में कार नहीं मिली, ऊपर से लड़की पैदा हो गई है, अब इसका खर्च मायके वाले ही उठाएंगे। पति अरुण मौर्य अस्पताल आया और बिल चुकाए बिना नवजात बेटी को जबरन अपने साथ ले गया। जबकि गंभीर हालत में पत्नी को अस्पताल में बेसहारा छोड़ गया।

आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रही महिला

बिगड़ती हालत देख परिवार ने पहले साई सुविधा और फिर 3 सितंबर को प्रीति को रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। जहां वह फिलहाल आईसीयू में भर्ती है। मायके पक्ष का आरोप है कि प्रीति को लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे उसकी हालत नाजुक हो गई है। पीड़िता के पिता रोशनलाल ने एसएसपी से गुहार लगाई है। एसएसपी के आदेश के बाद बारादरी पुलिस ने पति और ससुराल वालों पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।

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