
पहले छह गुना लेते थे टैक्स, अब हुआ तीन गुना
इस समय होटलों पर प्रापर्टी टैक्स अलग-अलग निर्धारित है। जिसमें आवासीय भवनों का टैक्स छह गुना तक है। फोर स्टार के कम की रेटिंग वाले होटलों से आवासीय का पांच गुणा प्रापर्टी टैक्स लिया जाता है। फोर स्टार से अधिक रेटिंग वाले होटलों से यह छह गुना टैक्स वसूला जाता है। किसी भी श्रेणी के बार सुविधा वाले होटलों का टैक्स आवासीय भवनों का छह गुणा लिया जाता है। प्रदेश में होटल व्यवसाय को बढ़ाने के लिए और उन्हें राहत देने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। उत्तर प्रदेश की पर्यटन नीति 2022 में होटलों को उद्योग का दर्जा दिया गया था। जिसमें नगर विकास विभाग ने प्रापर्टी टैक्स कम करने के लिए निर्धारित प्रारूप में आपत्तियां व सुझाव मांगे थे।
टैक्स में छूट सिर्फ पर्यटन विभाग में पंजीकृत होटलों को मिलेगी
इस दौरान कैबिनेट ने गुरुवार को इनका प्रापर्टी टैक्स कम करने का प्रस्ताव पास कर दिया है। टैक्स में छूट सिर्फ पर्यटन विभाग में पंजीकृत होटलों को मिलेगी। अगर किसी होटल का पंजीकरण पर्यटन विभाग में नहीं होगा तो उन्हें छूट नहीं दी मिलेगी। यूपी के 17 नगर निगमों के होटलों में वर्ष 2022-23 में 48.36 करोड़ रुपये का प्रापर्टी टैक्स वसूला गया था। टैक्स की दरें कम होने से नगर निगमों की आय में कुछ कमी हो सकती है लेकिन विभाग के अधिकारीयों का मानना है कि इससे होटल व्यवसाय में तेजी आएगी। साथ ही नए होटल भी खुलेंगे। जिसके बाद प्रापर्टी टैक्स बढ़ने की उम्मीद है।
Published on:
12 Jan 2024 08:44 pm
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