
28 crores grant for milk
दूध के लिए 28 करोड़ का अनुदान,100 करोड़ के लगेंगे प्लांट
- पिछले साल 23 करोड़ किए थे स्वीकृत, इस बार 05 करोड़ बढ़ाएं
- योजना में अनुदान के लिए 28 करोड़ रुपए स्वीकृत
धर्मवीर दवे
बालोतरा पत्रिका. स्कूलों में दूध प्रारंभ करने के बाद प्रदेश में दूध की खपत बढ़ गई है। एेसे में केन्द्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने इस वर्ष न ाबार्ड के जरिए प्रदेश में 28 करोड़ का अनुदान स्वीकृत किया है जिससे करीब सौ करोड़ के छोटे डेयरी प्लांट प्रदेशभर में लगेंगे। पिछले साल प्रदेश में 23 करोड़ स्वीकृत हुए थे। हालांकि जिस मात्रा में प्रतिदिन दूध की खपत बढ़ी है उस अनुपात में यह राशि केन्द्र सरकार ने नहीं बढ़ाई है। डेयरी उद्योग से युवाओंं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए नाबार्ड डेयरी उद्यमिता योजना संचालित कर रही है। योजना लाभवान्वित को नाबार्ड अनुदान उपलब्ध करवाता है।
यह है योजना- स्माल डेयरी यूनिट जिसमें 2 से 10 पशुओं को पालना, हीफर यूनिट इसमें अधिकतम 20 बछड़ों का पालन कर अच्छी नस्ल का दुधारू पशु तैयार करना, वर्मीकमोस्ट यूनिट इसमें केंचुआ से खाद तैयार करना सहित अन्य उत्पाद करने के लिए ऋण व अनुदान देय है।
यह हैआवेदन प्रक्रिया- डेयरी उद्यमिता योजना की नौ यूनिटों में से किसी एक यूनिट का लाभ प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्ति को पशुपालन विभाग अथवा चार्टर एकाउन्टेंट से प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करवानी होती है। इसके बाद इसे सरकारी, निजी, सहकारी किसी बैंक में जमा करवाना होगा। बैंक इसे नाबार्डऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन के सभी जरूरी दस्तावेज डाउनलोड करता है। नाबार्ड के योजना में प्रस्तावित अनुदान स्वीकृत करने पर बैंक नियमानुसार अभ्यर्थी को राशि उपलब्ध करवाता है। योजना में सामान्य वर्ग को 25 फीसदी व अनुसूचित जाति, जनजाति वर्गअभ्यर्थी को 33 फीसदी अनुदान देय है।
व्यू.
देश व प्रदेश में हर वर्षदूध व इससे तैयार उत्पादकों की मांग बढ़ रही है। पशुपालन क्षेत्र में युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने को लेकर डेयरी उद्यमिता योजना संचालित की जा रही है।यह वरदान साबित हो रही है। इस वर्षअनुदान बजट 28 करोड़ रुपए स्वीकृत किया गया है। - डॉ. दिनेश प्रजापत, जिला विकास प्रबंधक नाबार्डबाड़मेर
Published on:
03 Aug 2018 06:00 pm
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