बाड़मेर

Barmer News: सिणधरी उपखंड में गली-गली बबूल की बाड़ और झाड़ियां, बढ़ गया मच्छरों का आतंक

सिणधरी उपखंड में नगर पालिका बनने के बाद विकास की आस जगी थी। लेकिन अब गली-नुक्कड़ और अस्पताल तक बबूल की झाड़ियों से अटे पड़े हैं। मच्छरों का आतंक बढ़ गया है। न सफाई हो रही और न कार्रवाई। अधिकारी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर टाल रहे हैं।

2 min read
Jul 27, 2025
मच्छरों से सिणधरी बेहाल (फोटो- पत्रिका)

बाड़मेर: सिणधरी उपखंड मुख्यालय कस्बे में नगर पालिका बनने के बाद विकास की उमीदें जगी थी, लेकिन अब बबूल की झाड़ियों के बीच मच्छरों का अड्डा बन गया है। हर गली, सड़क और सार्वजनिक स्थल यहां तक कि सरकारी अस्पताल तक कंटीली झाड़ियों से अटे पड़े हैं।


बता दें कि इन झाड़ियों ने न केवल कस्बे की सुंदरता बिगाड़ी, बल्कि मच्छरों का प्रकोप इस कदर बढ़ा दिया है कि घरों में रात को लाइट जलाना भी मुश्किल हो गया है। लाइट जलाते ही मच्छरों के झुंड भोजन पर टूट पड़ते हैं। इससे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की परेशानी और बढ़ गई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

ये भी पढ़ें

Heavy Rain: राजस्थान के 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, 4 जिलों में रेड अलर्ट; धौलपुर में स्कूलों की 3 दिन की छुट्‌टी


अस्पताल से स्कूलों तक बबूल का कब्जा


कस्बे के सरकारी अस्पताल की हालत बेहद चिंताजनक हैं। अस्पताल के चारों ओर उगी झाड़ियां रात में भर्ती मरीजों को मच्छरों के हवाले कर देती हैं। लेबर रूम में नवजात शिशुओं को मच्छरों से बचाने के कोई पुता इंतजाम नहीं हैं, जिससे उनके परिजन चिंतित रहते हैं।


अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन बरामदों में मच्छरों के बीच रात गुजारने को मजबूर हैं। दूसरी ओर विद्यार्थियों ने बताया कि रात को पढ़ाई करते समय लाइट जलाते ही कमरा मच्छरों और कीट-पतंगों से भर जाता है। आत्मशांति कुटीर, विश्वकर्मा मंदिर, किसान कॉलोनी, लोहारों का वास, रावली बही और ग्वारियों का वास जैसे क्षेत्रों में भी यही स्थिति बनी हुई है।


खाली भूखंडों में झाड़ियां, नहीं कोई कार्रवाई


स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका ने झाड़ियां हटाने को लेकर अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। कस्बे के सार्वजनिक स्थानों के साथ-साथ निजी खाली भूखंडों में भी बबूल की झाड़ियां बढ़ती जा रही हैं। न तो सफाई अभियान चलाया गया और न ही भूखंड मालिकों को कोई नोटिस जारी किए गए हैं।


लोगों का कहना है कि ये झाड़ियां मच्छरों के साथ ही सांप और अन्य कीटों को भी पनाह दे रही हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। डेंगू और मलेरिया जैसे रोग फैलने की आशंका भी बनी हुई है।


इनका कहना है


अस्पताल के आसपास की झाड़ियां हटाना नगरपालिका की जिमेदारी है। यदि वे कार्रवाई नहीं करते तो हम मजदूर लगाकर झाड़ियां हटवाएंगे, ताकि मरीजों को परेशानी न हो।
-अर्जुन बिश्नोई, मुख्य ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी


नगर पालिका के पास फिलहाल इतना मैनपावर नहीं है कि हर जगह की झाड़ियां हटाई जा सकें। सार्वजनिक स्थलों पर शीघ्र ही सफाई कराई जाएगी। निजी भूखंडों के मालिकों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। घरों के आसपास की सफाई लोग स्वयं करें।
-सुमरे सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका

ये भी पढ़ें

Rajasthan: झुंझुनूं में डॉक्टरों का कमाल, ऑपरेशन कर गाय के पेट से निकाली 80 किलो प्लास्टिक व रस्सी

Published on:
27 Jul 2025 02:35 pm
Also Read
View All
बाड़मेर में नए साल की पार्टी बनी जानलेवा; जोधपुर की अस्पताल में सोलर प्लांट श्रमिक की मौत, इलाके में भड़का आक्रोश

Barmer Honeytrap: युवती ने जिम में व्यापारी से की दोस्ती, फ्लैट पर बनाए अवैध संबंध, स्पाई कैमरे से वीडियो बनाकर 40 लाख की डिमांड

मैराथन में ‘भाग भीमा, भाग भूरा’ का शोर, दादा-पोता-पोती की अनोखी रेस, 3 पोतियों ने दादा का हाथ थाम दर्ज की जीत

New Delimitation : राजस्थान में बाड़मेर-बालोतरा जिले का फिर बदला भूगोल, बायतु-गुड़ामालानी विधानसभा नए जिले में शामिल

Pachpadra Refinery: राजस्थान सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट पर आया नया अपडेट, इस दिन PM मोदी कर सकते है पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन

अगली खबर