
कर्नल सोनाराम चौधरी। पत्रिका फाइल फोटो
बाड़मेर। पंचायती राज चुनाव के बीच पूर्व सांसद स्व. कर्नल सोनाराम चौधरी के परिवार में मतभेद चर्चा में आ गए हैं। जिला परिषद के वार्ड संख्या 10 से चुनाव लड़ रही उनकी भतीजी प्रभा चौधरी ने चुनावी सभा में कर्नल सोनाराम से अपना रिश्ता बताते हुए मतदाताओं से समर्थन मांगा। इसके बाद कर्नल की पत्नी विमला चौधरी ने फेसबुक पोस्ट के जरिए उनके नाम का इस्तेमाल कर राजनीतिक लाभ लेने वालों से सावधान रहने की अपील की। हालांकि पोस्ट में किसी प्रत्याशी का जिक्र नहीं हैं।
प्रभा चौधरी ने उमे की ढाणी में जनसभा के दौरान कहा कि वह कर्नल सोनाराम चौधरी की भतीजी, लालाराम पाबड़ा की बेटी और करनाराम वकील की बहू हैं। उन्होंने वर्ष 2011-12 में राजस्थान विश्वविद्यालय की छात्रसंघ अध्यक्ष रहने का जिक्र करते हुए मतदाताओं से आशीर्वाद मांगा।
विमला चौधरी ने पोस्ट में आरोप लगाया कि कुछ समय से यह देखा जा रहा है कि कर्नल सोनाराम चौधरी के नाम का राजनीतिक दुरुपयोग करने की कोशिश की जा रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। कर्नल साहब ने हमेशा समाज एवं किसान-विरोधी ताकतों के विरुद्ध संघर्ष किया, जो अपने क्षेत्र के किसानों, गरीबों और आमजन के हितों के लिए था। उन्हीं ताकतों के साथ मिलकर हमारे ही कुछ रिश्तेदारों ने कर्नल साहब को आहत करने की कोशिश की। इन्हीं रिश्तेदारों ने 2008 के विधानसभा चुनावों से लेकर उनके स्वर्गवास तक इन्हीं ताकतों के साथ मिलकर कर्नल साहब की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने और उनको जलील करने का कुकृत्य किया। साथ ही उन्होंने मतदाताओं से अपने विवेक से मतदान करने की अपील की।
दरअसल, वार्ड 10 से प्रभा चौधरी और वार्ड 34 से उनके चचेरे भाई मनोहर पाबड़ा चुनाव लड़ रहे हैं। बताया जाता है कि प्रभा के पिता लालाराम के परिवार और कर्नल सोनाराम चौधरी के बीच लंबे समय से जमीन विवाद चल रहा है। करीब एक साल पहले कर्नल सोनाराम का निधन हो गया था, लेकिन दोनों परिवारों के बीच दूरियां बनी हुई हैं। चुनाव के दौरान सामने आए इस घटनाक्रम ने पुराने पारिवारिक मतभेदों को फिर चर्चा में ला दिया है।
Updated on:
20 Oct 2026 02:20 pm
Published on:
20 Oct 2026 02:20 pm
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