
बाड़मेर की रामलीला
Barmer ki Ramlila: बाड़मेर शहर में रामलीला मंचन में 15 साल से राम का अभिनय करने वाले खेमीचंद सोलंकी अब रावण के किरदार में दिखेंगे। हर साल राम बनकर रावण का वध करते आए थे, लेकिन पिछले साल से रामलीला में लंकेश बनकर राम से युद्ध करते नजर आ रहे हैं।
बता दें कि शहर में साल 1979 से रामलीला का मंचन हो रहा है। इसमें भगवान राम के जन्म से रावण के वध तक को दर्शाया जाता है। खेमीचंद सोलंकी की पहचान भी भगवान राम के रूप में बन गई है।
उनके जानने-पहचानने वाले भी उन्हें इसी किरदार से पहचानते हैं। जब भी खेमीचंद घर से बाहर निकलते हैं तो उन्हें जय श्रीराम कहा जाता है।
वहीं नरसिंह राठौड़ भी अपने रावण के किरदार के चलते लंकेश नाम से जाने जाते हैं। 40 साल तक नरसिंह राठौड़ ने रावण का किरदार निभाया है। रामलीला मंचन के दौरान रावण के दरबार का सभी को इंतजार रहता है। रावण दरबार सजते ही एक ही आवाज आती है…हम लंकेश हैं।
इतना कहते ही दर्शकों की तालियां बजनी शुरू हो जाती है। नरसिंह राठौड़ ने रावण के किरदार में अमिट छाप छोड़ी है। लंकेश बनने से पूर्व नरसिंह राठौड़ ने नारद, केवट और मेघनाद का किरदार भी बखूबी निभाया है।
मंचन के दौरान भगवान श्रीराम हमेशा से ही नरम स्वर में जवाब देते आए हैं। उनके विपरीत रावण का किरदार तेज और भारी आवाज के लिए जाना जाता है। खेमीचंद का कहना है कि रावण की संवाद शैली चुनौतीपूर्ण है।
Updated on:
24 Sept 2025 11:23 am
Published on:
24 Sept 2025 11:23 am
