
बाड़मेर। शहर में आयोजित एक कार्यक्रम में गैंगस्टर को श्रद्धासुमन अर्पित करने के मामले में राजनीति गर्मा गई है। यूआइटी की चेयरपर्सन ने अब पछतावा किया है कि वो अनजाने में कार्यक्रम में चली गई थीं। कार्यक्रम में मौजूद रहे विधायक ने इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की है।
कार्यक्रम में गैंगस्टर आनंदपाल की तस्वीर लगी थी। कार्यक्रम में पहुंची यूआइटी चेयरपर्सन डा.प्रियंका चौधरी व विधायक मेवाराम जैन ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर टीका-टिप्पणी शुरू हो गई जिसमें गैंगस्टर को श्रद्धांजलि अर्पित करने को लेकर तल्ख बयान होने लगे।
इस पर यूआईटी चेयरपर्सन ने अपना वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जिसमें कहा कि कार्यक्रम की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। इस कारण अनजाने में यहां पहुंच गईं। गैंगस्टर को श्रद्धासमुन भुलावे में अर्पित किए गए हैं। वो इसके पक्ष में नहीं है।
मुझे फंसाया गया
किसान एक भोळी कौम है, यह फिर साबित हो गया। मैं जनसम्पर्क में थी और अचानक मेरे पास कॉल आता है और कहा जाता है कि कार्यक्रम में आना है। यह बिलकुल नहीं बताया जाता कि कुख्यात आनंदपाल की बरसी मनाई जानी है। इसके पीछे की कहानी नहीं बताई गई। यह षडयंत्र के तहत किसान की बेटी को फंसाया गया। आनंदपाल एक अपराधी था और अपराधी रहेगा। जिन लोगों ने राजनीतिक षडयंत्र के तहत मुझे फंसाया है उनसे मैं कहना चाहती हूं मैं जाट की बेटी हूं। किसान कौम मेरे खून में बसती है?
Published on:
27 Jun 2018 09:00 am
