
350 बंगले वाले बीपीएल परिवार चिह्नित
बालोतरा .
शहर में बीपीएल बंगलों को चिह्नित करने के लिए नगर परिषद ने सर्वे शुरू कर दिया है। इसके लिए गठित टीम घर-घर पहुंच वास्तविक बीपीएल परिवारों का पता लगा रही है। अब तक टीम ने कुल 2913 बीपीएल परिवारों में से 350 बंगलों को चिह्नित किया है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में करीब 1000 अपात्र परिवार इस सूची में शामिल हो सकते हैं। उन्हें सर्वे के बाद बाहर किया जाएगा। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि मंत्रालयिक कर्मचारियों की हड़ताल व कुछ कार्मिकों की चुनावी ड्यूटी के चलते जांच कार्य धीरे चल रहा है। आगामी कुछ ही दिनों में यह पूरा हो जाएगा।
वर्ष 2003 में सूची बनने के बाद नहीं हुई जांच
सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले (बीपीएल) परिवारों का वर्ष 2003 में सरकारी कर्मचारियों से सर्वे करवा लिस्ट तैयार करवाई। इसके बाद इस सूची में जुड़े परिवारों की वास्तविक स्थिति की कभी जांच नहीं हुई। ऐसे में बड़ी संख्या में साधन सम्पन्न परिवार भी गरीबों के लिए चलने वाली योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं।
अब नोटिस के बाद निकालेंगे बाहर
नगर परिषद की ओर से सर्वे करवाने के बाद उपखंड अधिकारी को इसकी रिपोर्ट दी जाएगी। इस पर उनकी ओर से नाम सहित समाचार पत्रों में सूची प्रकाशित कर उन्हें सूचित किया जाएगा तथा इसके बाद अपात्र लोगों को बाहर निकाला जाएगा।
पत्रिका ने उठाया था मुद्दा
बंगले वाले बीपीएल परिवारों को लेकर राजस्थान पत्रिका ने 1 अक्टूबर के अंक में 'ये हैं बालोतरा के बीपीएल...Ó शीर्षक से बीपीएल सूची में चयनित आलीशान बंगलों की फोटो स्टोरी प्रकाशित कर मामले का खुलासा किया था। इस पर उपखंड अधिकारी अनिल कुमार महला ने उसी दिन नगर परिषद आयुक्त रामकिशोर को तीन दिन में बीपीएल सूची के अपात्र व सुविधा संपन्न लोगों की जांच कर मय फोटो रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। आयुक्त ने राजस्व अधिकारी छैल कंवर के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया। इसने अब तक सूची में 12 प्रतिशत लोगों को अपात्र माना है। वहीं यह आंकड़ा 35 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद है। राजस्व अधिकारी के मुताबिक सोमवार तक जांच रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
Updated on:
06 Oct 2018 07:07 pm
Published on:
06 Oct 2018 07:07 pm
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