
प्रतिनियुक्ति के भरोसे पचपदरा की चिकित्सा सुविधा
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बालोतरा. पचपदरा नाम प्रदेश के विधानसभा मुख्यालयों में सुमार है। एेसे में यहां बेहतर सुविधा की उम्मीद हर किसी को होगी, लेकिन चिकित्सा सेवा में यहां की उपेक्षा लोगों को लम्बे समय से साल रही है। कहने को तो कस्बे को मिलने वाली बेहतर चिकित्सा सुविधा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र यहां बना दिया है, लेकिन चिकित्सक लगाए ही नहीं। एेसे में यहां आने वाले मरीजों को रैफर टू बालोतरा या जोधपुर का रटा-रटाया जवाब मिलता है। गौरतलब है कि यहां चार चिकित्सकों के पद स्वीकृत है, जिसकी जगह एक चिकित्सक कार्यरत है, वह भी प्रतिनियुक्ति पर।
चारों पद रिक्त, कैसे मिले बेहतर चिकित्सा- पचपदरा के राजकीय सामुदायिक चिकित्सालय में चिकित्सकों के स्वीकृत चार पद लंबे समय से रिक्त है। एेसे में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का नाम सुन कर यहां आने वाले मरीजों को इलाज मिलना दूर, कई बार सलाह देने के लिए भी चिकित्सक नहीं मिलता।
प्रतिदिन 180 की ओपीडी- पचपदरा की आबादी 10 हजार से अधिक है। इससे कई गांव जुड़े हुए हंै। सामान्य दिनों में उपचार के लिए 160-180 मरीज पहुंचते हैं। औसत पांच-छह मरीज प्रतिदिन भर्तीह ोते हैं। माह में 40-45 प्रसव होते हैं। मौसमी बीमारियों के प्रकोप पर मरीजों की संख्या 300 तक पहुंच जाती है। इस पर एक मात्र नियुक्त चिकित्सक चाहकर भी मरीजों को अच्छी उपचार सेवा नहीं दे पाता है। इससे उपचार को लेकर हर दिन मरीज परेशानी उठाते हैं।
प्रतिनियुक्ति चिकित्सक भरोसे चिकित्सालय- पचपदरा चिकित्सालय में तीन माह पूर्व एक चिकित्सक कार्यरत था। इसका तबादला होने के बाद कार्य व्यवस्था के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में कार्यरत चिकित्सक को यहां प्रतिनियुक्ति पर लगाया गया। तब से प्रतिनियुक्त चिकित्सक के भरोसे चिकित्सालय संचालित हो रहा है। इसके अलावा एक आयुष चिकित्सक व एक वैद्य कार्यरत है।
हाईवे व मेगाहाईवे से जुड़ा- पचपदरा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 25 जोधपुर-बालोतरा पर बसा है तो मेगाहाईवे भी यहां से होकर गुजरता है। एेसे में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान पचपदरा नजदीक होने पर यहां लोग पहुंचते हैं, लेकिन चिकित्सक नहीं होने पर जोधपुर या बालोतरा जाना पड़ता है।
स्वीकृति के बाद से ही यह स्थिति- कस्बे के सामुदायिक चिकित्सालय में जानकारी अनुसार प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ चिकित्सा विशेषज्ञ, वरिष्ठ चिकित्सक के एक-एक व चिकित्सा अधिकारी के दो पद स्वीकृत कर रखे हैं। तीन माह से स्वीकृत सभी पद रिक्त है। चिकित्सा कार्मिकों के अनुसार आज दिन तक स्वीकृत सभी पद भरे नहीं गए। इस पर उपचार को लेकर आज भी ग्रामीणों को पहले की तरह परेशानियां उठानी पड़ रही है।
शीघ्र पद भर पहुंचाएं राहत- पचपदरा बड़ा कस्बा है। इससे कई गांव जुड़े हुए हैं। चिकित्सकों के पद रिक्त होने पर हर दिन मरीज परेशानी उठाते हंै। सरकार व चिकित्सा विभाग चिकित्सकों के शीघ्र रिक्त पद भरें। -अरविंद मदाणी, समाजसेवी
आमजन परेशान, सरकार का नहीं ध्यान- कस्बे के चिकित्सालय में लंबे समय से चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे हैं। सरकार व चिकित्सा विभाग ध्यान नहीं दे रहे। आमजन परेशान हैं। कहीं सुनवाईनहीं हो रही है। - रामबाबू अरोड़ा, पूर्व पंचायत समिति सदस्य
मुझे नहीं जानकारी- मैंने अभी पदभार ग्रहण किया है। मुझे अधिक जानकारी नहीं है। पता करवाकर बताऊंगा। - डॉ. कवि वर्मा, कार्यवाहक चिकित्सा अधिकारी राजकीय चिकित्सालय पचपदरा
Published on:
25 Jul 2018 12:10 am
