धोरीमन्ना में शांतिनाथ जिनालय की अंजनशलाका प्राण प्रतिष्ठा पंचान्हिका महोत्सव के समापन दिन सोमवार को प्रथम बार द्वार का उद्घाटन मंत्रोच्चार के साथ किया गया। तीर्थंकर शांतिनाथ के दर्शन-वन्दन के बाद पक्षाल कर केशर पूजा व आरती की गई। इसके बाद सतरभेदी पूजा व दादा गुरुदेव की बड़ी पूजा हुई। प्रभु दर्शन, आंगी, रोशनी, प्रसादी व् आरती के नवकारसियों के साथ महोत्सव का समापन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन आचार्य मनोज्ञसूरीश्वर की निश्रा, कमलप्रभसागर, साध्वी विद्युतप्रभाश्री, हेमरत्नाश्री, विनितयशाश्री, श्रुतदर्शनाश्री, मुक्तांजनाश्री, विनयगुणाश्री व कैवल्यप्रियाश्री आदि के सान्निध्य में हुआ।