प्रिंसिपल बनने का रास्ता भी खुला- वहीं, वाइंस प्रिंसिपल से प्रिंसिपल बनने के लिए तीन साल का अनुभव अनिवार्य नियम था जिसे एक बारगी हटा कर शून्य कर दिया है। ऐसे में वर्तमान में जो भी वाइस प्रिंसिपल लगे हुए हैं, वे प्रिंसिपल की पदोन्नति में शामिल होंगे। इस पर प्रिंसिपल के रिक्त पदों पर नियुक्ति होने का रास्ता साफ हुआ है।
अब सरकार को चाहिए कि पिछले तीन सत्र से बकाया वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता पदोन्नतियों अतिशीघ्र की जाए। इसके अलावा डीपीसी से पूर्व क्रमोन्नत उच्च माध्यमिक विद्यालयो में व्याख्याता पदों की वितीय स्वीकृति की जानी चाहिए। जिससे कि क्रमोन्नत विद्यालयों में विद्यार्थियों के अध्ययन में फायदा हो सकेगा। प्रमोशन के इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए प्रमोशन के रास्ता खुलेगा। - बसन्त कुमार जाणी, जिलाध्यक्ष, राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ, रेस्टा