
डॉक्टर लीला चौधरी अपने माता व पिता के साथ।
गिड़ा . गिड़ा क्षेत्र के श्रवण नाडी चीबी निवासी लीला चौधरी हाल समदड़ी रोड बालोतरा का असिस्टेंट कमांडेंट में मेडिकल ऑफिसर बनने पर गाँव मे खुशी का माहौल। लीला चौधरी के चयन से माता शायरी देवी व पिता हुकमाराम के चेहरे खुशी से झूम उठें। दोनों ने कहा कि अब हमें खुशी है कि बेटी सेना में इलाज करेंगी। चयन से क्षेत्र की अन्य बेटियों का मनोबल बढ़ेगा।
ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर आर्मी में डॉक्टर के पद तक पहुँची लीला चौधरी का कहना है कि इस पूरे सफर मेरे माता पिता व दोनों भाइयों का पूरा योगदान रहा। पढ़ाई 12 वीं तक बालोतरा व उसके बाद कोटा के एल एन में हुई । 2014 में चयन मेडिकल कॉलेज जामनगर गुजरात मे हुआ। एम बी बी एस की डिग्री जामनगर से पूरी होने के बाद मेरा मेडिकल ऑफिसर के पद पर उम्मेद हॉस्पिटल जोधपुर में चयन हुआ। वहां पर सेवाएं देते हुए पढ़ाई जारी रखी व परिवार को बताए बिना ही आर्मी की परीक्षा दी।
चयन होने पर सबसे पहले मम्मी व बाद में पापा को फोन पर बधाई दी तो दोनों खुशी से झूम उठे। डॉक्टर के दोनों भाई भी आई आई टी दिल्ली से पास आउट हैं व बड़े भाई विजय ने पिछले साल कोरोना में अपने दोस्त के साथ मिलकर एक ई वाहन स्टार्टअप की खोज की। जिससे वाहनों से होने वाले प्रदूषण से बचाव होगा व अन्य से सस्ता भी रहेगा। छोटा भाई सुखदेव भी उसके साथ अब बैंगलौर में रह कर दोनों भाई यूपीएसई की तैयारी कर रहे है।
Updated on:
16 Jul 2022 04:07 pm
Published on:
16 Jul 2022 04:07 pm
