6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

चुनावी साल में बालिकाओं को जल्दी मिलेंगी साइकिलें

- गत वर्ष मिली थी आधा शिक्षा सत्र बीतने के बाद - कारीगर जुटे तैयार करने में
2 min read
Google source verification
चुनावी साल में बालिकाओं को जल्दी मिलेंगी साइकिलें

चुनावी साल में बालिकाओं को जल्दी मिलेंगी साइकिलें

धर्मवीर दवे

बालोतरा.जिले के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत हजारों बालिकाओं के हाथों में शीघ्र ही चमचमाती साइकिलें पहुंचेगी। इनका सामान पहुंच गया है और साइकिलें तैयार की जा रही हैं। बीते दो वर्षों में यह पहला मौका है, जब जुलाई में साइकिलें मिलेगी। इससे पूर्व के वर्षों में शैक्षणिक सत्र समाप्ति पर बालिकाओं तक साइकिलें पहुंची थी, लेकिन इस वर्ष प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने के कारण सत्र आरम्भ के साथ साइकिलें बंट जाएंगी।
नवीं में अध्ययनरत बालिकाओं को साइकिल वितरण जुलाई में ही करने को लेकर कवायद चल रही है। जिले की 17 पंचायत समिति मुख्यालयों पर साइकिलों का सामान पहुंचा दिया गया है। मिस्त्री साइकिलों को तैयार कर रहे हैं। जानकारी अनुसार एक सप्ताह में सरकारी विद्यालयों में समारोह आयोजित कर चयनित बालिकाओं को साइकिलें उपलब्ध करवाई जाएंगी।

पूर्व में यह स्थिति- वर्ष 2016-17 में शैक्षणिक वर्ष समाप्ति से कुछ समय पूर्व बालिकाओं को साइकिलें उपलब्ध करवाई गई। 2017-18 में भी छात्राओं को कई माह देरी से साइकिलें वितरित की गई।

--
योजना बनी वरदान, नामांकन बढ़ा

बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राजकीय विद्यालयों में कक्षा नवीं में प्रवेश लेने वाली बालिकाओं को नि:शुल्क साइकिलें देने की योजना वरदान साबित हुई है। इससे छात्राएं सरकारी विद्यालयों में प्रवेश लेने में रुचि ले रही हैं। 2016-17 में 12 हजार 80, 2017-18 में 13 हजार 111 बालिकाओं को साइकिलें मिली। इस शिक्षा सत्र 2018-19 में 14 हजार 564 बालिकाओं को साइकिलें वितरित की जाएगी।

गांव-गांव तक फायदा- योजना के तहत आठवीं उत्तीर्ण करने के बाद नवीं में सरकारी विद्यालय में प्रवेश लेनी वाली बालिकाओं को सरकार की ओर से नि:शुल्क साइकिल दी जाती है। इसके पीछे सरकार की मंशा गांव-ढाणियों से स्कूल तक पैदल आने वाली बालिकाओं को परेशानी न हो और वे समय पर विद्यालय आ सकें, इसलिए साइकिल दी जाए। जिले में काफी लोग ढाणियों में बसे हुए हैं, उनकी बेटियों को इस योजना का लाभ मिल रहा है और वे साइकिल पर विद्यालय आकर आगे पढ़ रही है।