
उच्च न्यायालय डबल बैंच के अपील खारिज करने पर प्रधान ने सौंपा इस्तीफा
बालोतरा.
राजस्थान उच्च न्यायालय खंडपीठ के बालोतरा प्रधान व अन्य की ओर दायर अपील को खारिज करने पर मंगलवार को बालोतरा प्रधान ओमाराम भील ने पंचायत समिति बालोतरा के विकास अधिकारी को इस्तीफा सौंपा। इसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया। इस पर उन्होंने ई मेल से जिला प्रमुख को इस्तीफा भेजा। गौरतलब है कि बालोतरा प्रधान ओमाराम उर्फ ओमप्रकाश भील के विरूद्ध फर्जी अंकतालिका के आधार पर पंचायतीराज चुनाव लडऩे व जीतने का आरोप है। इसमें जिला एवं सत्र न्यायालय बालोतरा ने ओमाराम के विरूद्ध प्रसंज्ञान लिया। इस आधार पर प्रदेश सरकार ने 15 सितम्बर 2015 कांग्रेस से निर्वाचित प्रधान ओमाराम भील को निलम्बित किया । इस आदेश के खिलाफ प्रधान भील ने उच्च न्यायालय जोधपुर में अपील दायर की थी। उच्च न्यायालय जोधपुर खंडपीठ के न्यायाधीश प्रदीप नन्द्राजोग व दिनेश मेहता ने दोनों पक्षों को सुनकर 12 जुलाई को जारी किए आदेश में प्रधान ओमाराम भील की अपील खारिज की। पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 38 के अनुसार ओमाराम के निलंबन आदेश को सही माना।
बदलते रहे प्रधान- पंचायत समिति बालोतरा की आरक्षित प्रधान सीट पर कांग्रेस से निर्वाचित प्रधान ओमाराम भील के फर्जी अंकतालिका से चुनाव लडऩे, जीतने व प्रधान बनने को लेकर दर्ज मामले के बाद प्रधान पद पर आना-जाना लगा रहा। जानकारी अनुसार प्रधान ओमाराम भील के खिलाफ बालोतरा पुलिस थाना में सितम्बर 2015 को फर्जी अंक तालिका से चुनाव लडऩे को लेकर दर्ज मामले में पुलिस ने उनके खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। इस पर प्रधान 11 दिन न्यायिक अभिरक्षा में रहे। इस दौरान पंचायतीराज विभाग के आदेश पर निर्दलीय निर्वाचित व भाजपा समर्थित चैनाराम भील ने दायित्व ग्रहण किया। इसके बाद जमानत पर रिहा हुए प्रधान ओमाराम भील ने उच्च न्यायालय के पंचायतीराज के आदेश के खिलाफ दिए स्टे पर दुबारा पदभार ग्रहण किया। इस पर चैनाराम ने दुबारा उच्च न्यायालय की शरण ली। इस पर न्यायाधीश ने 6 सितम्बर को फर्जीटीसी प्रकरणों में सरकार को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। पंचायतराज ने 15 सितम्बर को प्रधान ओमाराम भील के निलंबन के आदेश जारी किए। 27 सितम्बर को पंचायत राज विभाग ने ओमप्रकाश भील को प्रधान पद से निलंबित कर चैनाराम भील को कार्यभार सौंपने के आदेश जारी किए। ओमाराम ने सरकार के आदेश के विरोध में जोधपुर उच्च न्यायालय की एकल पीठ में याचिका दायर की, लेकिन एकल पीठ ने 28 नवम्बर को इसे खारिज कर दिया। 25 जनवरी 2018 को डबल बैंच में हुई सुनवाई में न्यायाधीश ने स्टे दिया। इस पर ओमप्रकाश भील ने राहत महसूस की।
यह आंकड़ों का गणित- पंचायत समिति बालोतरा में पंचायत समिति सदस्यों की संख्या 23 है। पंचायतराज चुनाव में कांग्रेस से 16, भाजपा से 6 व निर्दलीय 1 प्रत्याशी विजयी हुआ था। पूर्णबहुमत होने पर ओमाराम भील प्रधान पद पर निर्वाचित हुए। भाजपा से निर्वाचित एक पंचायत समिति सदस्य के दिए इस्तीफा के बाद हुए उप चुनाव में निर्विरोध निर्दलीय प्रत्याशी विजय हुआ। वर्तमान में कांग्रेस से 16, भाजपा के 5 व दो निर्दलीय प्रत्याशी है।
ईमेल से भेजा इस्तीफा-न्यायालय से नहीं मिली राहत पर बालोतरा प्रधान ओमाराम भील , ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भगवतसिंह जसोल, पंचायत समिति सदस्य गौतम गहलोत जसोल, सदस्य श्रवण पटेल आदि के साथ दोपहर तीन बजे पंचायत समिति बालोतरा कार्यालय पहुंचे।विकास अधिकारी सांवलाराम चौधरी को प्रधान ने इस्तीफा सौंपा। इस पर उन्होंने अधिकार क्षेत्र में नहीं होने की बात कहते हुए इसे लेने से इंकार किया। इसके बाद प्रधान ने ई मेल से जिला प्रमुख को इस्तीफा भेजा।

Published on:
07 Aug 2018 10:40 pm
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