
In Gudmani, 13 out of 14 times the same caste legislator
बाड़मेर .जातिगत वोट बैंक के जरिए विधानसभा में सीट पक्की करने का जिले का रिकार्ड गुड़ामालानी विधानसभा के नाम है। तेरह में से बारह बार यहां एक ही जाति के विधायक रहे हैै। चौहदवीं विधानसभा में पहली बार यह परंपरा टूटी लेकिन इस बार भी दूसरी बड़ी जाति से विधायक आए हैै। गुड़ामालानी में 1957 से अब तक 13 विधानसभा के चुनाव हुए है। जाट बाहुल्य विधानसभा में बारह बार जाट विधायक रहे है। यहां से पहली बार 1957 में रामदान चौधरी विधायक बने औैर इसके बाद उनके बेटे गंगाराम चौधरी ने लगातार चार बार जीत दर्ज करवाई। फिर दो बार हेमाराम चौधरी ने चुनाव लड़ा और जीते। इसके बाद जनता दल की मदन कौर जीती। रोचक चुनाव 1993 का रहा। इसमें जोधपुर के परसराम मदेरणा यहां चुनाव लडऩे आए और वे भी जातिय गणित से जीत गए। 1998 में से हेमाराम चौधरी 52 हजार 537 वोटों से जीते जो अपने आप में रिकार्ड है। 2003 और 2008 में भी हेमाराम चौधरी ने ही जीत दर्ज करवाई। फिर दो बार हेमाराम चौधरी ने चुनाव लड़ा और जीते। इसके बाद जनता दल की मदन कौर जीती। रोचक चुनाव 1993 का रहा। इसमें जोधपुर के परसराम मदेरणा यहां चुनाव लडऩे आए और वे भी जातिय गणित से जीत गए। 1998 में से हेमाराम चौधरी 52 हजार 537 वोटों से जीते जो अपने आप में रिकार्ड है। 2003 और 2008 में भी हेमाराम चौधरी ने ही जीत दर्ज करवाई।
एक बार अन्य- 2013 के चुनावों में पहली बार यहां से रिकार्ड टूटा। भाजपा के लादूराम विश्नोई जीते। पहली बार गैर जाट की जीत हुई लेकिन इसमें भी विश्नोई यहां पर दूसरी ज्यादा मतदाताओं वाली जाति है।
वर्ष- विधायक- पार्टी
1957- रामदान चौधरी-कांग्रेस
1962- गंगाराम चाधरी- कांग्रेस
1967 -गंगाराम चौधरी- कांग्रेस
1972- गंगाराम चौधरी-कांग्रेस
1977- गंगाराम चौधरी- कांग्रेस
1980- हेमाराम चौधरी- कांग्रेस
1985- हेमाराम चौधरी- कांग्रेस
1990- मदनकौर- जनता दल
1993- परसराम मदेरणा- कांग्रेस इ
1998-हेमाराम चौधरी- कांग्रेस
2003- हेमाराम चौधरी- कांग्रेस
2008- हेमाराम चौधरी- कांग्रेस
2013- लादूराम विश्नोई- भाजपा
यह है जातिय वोटों का गणित-
जाट- 67000
विश्नोई- 40000
अनुसूचित जाति- 30000
अन्य - 1 लाख के करीब
कुल- 2 लाख 15 हजार
Published on:
27 Sept 2018 06:33 pm
