
रतन दवे /बाड़मेऱ। भारत-पाक सीमा पर भारत की ओर से एलइडी लाइट्स लगाने के बाद पाकिस्तान ऐसे-ऐसे ऐतराज उठा रहा है कि सुनकर हंसी आती है। अब पाकिस्तान का कहना है कि भारत की एलइडी लाइट्स की रोशनी से पाकिस्तान के रैंजर्स की नींद में खलल हो रहा है। इसलिए लाइट्स हटाई जाए या इनकी रोशनी कम की जाए। भारत ने इस ऐतराज को यह कहकर ठुकरा दिया कि हम तो अपनी जमीन पर लगा रहे है। एलइडी के साथ-साथ भारत ने ऐसे स्थान जहां पर धोरों के कारण परेशानी आ रही है वहां हाइमास्ट लाइट लगाने की तैयारी कर रहा है। बाडमेर के रोहिड़ी और जैसलमेर के शाहगढ़ बल्ज के क्षेत्र में हाइमास्ट लगेगी।
दो साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट
पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा को लेकर भारत पूरे बॉर्डर पर एलइडी लाइट्स लगाने का प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। प्रथम चरण में हर सेक्टर में 25 किमी क्षेत्र में यह लाइट लग रही है और दो साल में प्रोजेक्ट पूरा होगा। दस चरण में तारबंदी के निकट सीमा पर एलइडी लाइट्स होगी।
बाड़मेर में 86 किमी में एलइडी लगने के बाद रोशनी हुई है तो पाकिस्तान ऐतराज कर रहा है कि इस रोशनी से उसके रैंजर्स को नींद नहीं आती है। इसकी रोशनी कम की जाए। बाड़मेर के रोहिड़ी के निकट 1.5 किमी क्षेत्र ऐसा है जहां पर सिफ्टिंग सेंड ड्यून्स है।
यहां पर एलइडी लाइट प्रभावी व सुरक्षित नहीं है। इसलिए यहां भारत हाइमास्ट लाइट लगाएगा। जिसके खंभे एलईडी से बहुत ज्यादा ऊंचे होंगे और इसकी रोशनी पाकिस्तान में काफी अंदर तक जाएगी। ऐसे में एलइडी की रोशनी से परेशान पाक हाईमास्ट से भी तिलमिलाएगा।
फैक्ट फाइल
20 साल बाद बदलाव, सोडियम मर्करी की जगह एलइडी
86 किमी का बाड़मेर में हुआ है कार्य पूर्ण
43.67 करोड़ रुपए हो चुके है खर्च
50 वॉट की एलइडी की होगी रोशनी
3500 एलइडी अब तक लग चुकी है
हाइमास्ट लगेंगी
जहां पर धोरे है वहां पर हाइमास्ट लाइट लगाई जाएगी, वही उपर्युक्त है। एलइडी को लेकर त्रैमासिक बैठकों में पाक ऐतराज करता रहा है।
गुरूप्रीतसिंह, डीआइजी, बाड़मेर
Published on:
08 Feb 2019 08:10 am
