
Looni's water reached Rani Despura, women worshiped
रानीदेशीपुरा तक पहुंचा लूनी का पानी, महिलाओं ने की पूजा
समदड़ी . एक साल के अन्तराल बाद मेघ मेहरबान होने पर फि र से लूनी नदी में पानी की आवक हुई है। पिछले दो दिन तक पाली जिले में हुई बरसात के बाद मरुगंगा में पानी की आवक हुई है। यह पानी जिले की बांडी नदी से आ रहा है जो धुन्धाड़ा के पास लूनी नदी में मिल रही है। सोमवार शाम को लूनी नदी में पानी रामपुरा से होते हुए गोदों का बाड़ा की सरहद पार कर गया था। पानी का वेग काफी तेज होने से यह मंगलवार सुबह तक भानावास सरहद तक पहुंच गया। यहां लूनी नदी एकदम संकरी होने से इसकी रपट पर चार से पांच फ ीट तक पानी का बहाव चल रहा है। रानीदेशीपुरा गांव के पास सूकड़ी नदी का मिलान होने से यहां इसकी चौड़ाई बढ़ जाती है।
रानीदेशीपुरा गांव के पास नदी किनारे बड़ी संख्या में ग्रामीण पानी देखने के लिए पहुंचे। महिलाओं ने नदी का पूजन किया और सामूहिक रूप से मंगल गीतों से प्रस्तुति दी। लूनी नदी रामपुरा सरहद से बाड़मेर जिले में प्रवेश करती है। नदी में पानी के समाचार सुन रामपुरा से लेकर रानीदेशीपुरा गांव तक लोग नदी किनारे जमा हैं।
अधिकारियों ने लिया जायजा
लूणी नदी में पानी की जानकारी पर मंगलवार दोपहर विकास अधिकारी अतुल सोलंकी, कार्यवाहक तहसीलदार भंवरलाल मीणा, थानाधिकारी भुटाराम विश्नोई ने भी नदी में पानी के बहाव का निरीक्षण किया। वहीं ग्रामीणों को नदी से दूर रहने, पानी के भीतर नहीं जाने व सतर्क रहने की हिदायत दी।
कई गांवों का सम्पर्क टूटा
लूनी नदी में पानी की जोरदार आवक से दोनों किनारों पर बसे गांवों का आपसी सड़क सम्पर्क टूट गया है। भानावास, भलरों का बाड़ा व रानीदेशीपुरा से कोटड़ी, अजीत, महेशनगर से जाने वाला खरंटिया व मजल रामपुरा से मजल ढ़ीढ़स आदि गांवों तक नदी से होकर गुजरने वाली सड़कों पर आवागमन बन्द हो गया है।
Published on:
31 Jul 2019 08:56 pm
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