जोधपुर रेंज पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि आरोपी वीरमाराम उर्फ बीरमराम पर वर्ष 2010 में हत्या का प्रकरण दर्ज हुआ था। वह वर्ष 2018 में जेल से पैरोल पर रिहा होने के बाद फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था, लेकिन वह हाथ नहीं लग रहा था। शातिर वीरमाराम कोई भी नया फोन या सिम खरीदने के बाद एक बार इस्तेमाल कर तोड़ देता था। हर बार अपनी जगह बदल लेता था। आधार कार्ड में नाम भी बदल दिया। जब पुलिस ने उसे पकडऩे के लिए तीन महीने तक ऑपरेशन ओल्ड मोंक चलाया।