4 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan: सच्चे साथ की मिसाल: बेमिसाल 70 साल लेकिन चार घंटे भी नहीं सह सके जुदाई; पत्नी की मौत के बाद पति ने भी छोड़ी दुनिया

बाड़मेर जिले के महाबार गांव में एक बुजुर्ग दंपती की साथ-साथ विदाई ने पूरे गांव को भावुक कर दिया। 89 वर्षीय हीरो देवी का शुक्रवार शाम निधन हो गया। निधन के बाद परिजन अंत्येष्टि की तैयारी कर रहे थे तभी महज चार घंटे बाद हीरो देवी के 90 वर्षीय पति जुगताराम ने भी संसार को अलविदा कह दिया।

less than 1 minute read
Google source verification

दिवंगत दंपती हीरो देवी और जुगताराम, पत्रिका फोटो

राजस्थान में थार की तपती धरती पर कभी-कभी ऐसे प्रसंग जन्म लेते हैं, जो प्रेम की परिभाषा को भी नया अर्थ दे जाते हैं।
ऐसी ही एक घटना बाड़मेर जिले के महाबार गांव में हुई। जहां एक बुजुर्ग दंपती की साथ-साथ विदाई ने पूरे गांव को भावुक कर दिया। 89 वर्षीय हीरो देवी का शुक्रवार शाम निधन हो गया। निधन के बाद परिजन अंत्येष्टि की तैयारी कर रहे थे तभी महज चार घंटे बाद हीरो देवी के 90 वर्षीय पति जुगताराम ने भी संसार को अलविदा कह दिया। परिजनों ने अगले दिन शनिवार को दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया।

7 दशक साथ, आखिरी सांस तक संग

महाबार के जुगताराम और हीरो देवी ने सात दशकों से अधिक समय तक जीवन के हर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाया। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों के बीच ऐसा आत्मिक लगाव था कि शायद ईश्वर को भी उनका अलग होना मंजूर नहीं हुआ। दंपती के तीन बेटे और एक बेटी हैं। बड़ा बेटा राणाराम लकड़ी का कारोबार देखते हैं, उदाराम ड्राइवर हैं, जबकि कमाराम भारतीय सेना में सेवारत हैं।

अंतिम विदाई में उमड़े ग्रामीण

पत्नी की मौत के महज 4 घंटे बाद पति के देहांत की घटना और फिर दोनों की एक साथ अंतिम विदाई ने लोगों के दिलों को छू लिया। दंपती के अंतिम संस्कार में मानों पूरा गांव ही उमड़ आया। यह घटना दिखाती है कि कितनी गहराई से लोग एक-दूसरे के साथ जुड़े होते हैं, और कैसे मृत्यु भी उस जुड़ाव को भंग नहीं कर पाती।