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विद्यालय हैं कि प्रमाण पत्र ही नहीं ले जा रहे

आठवीं बोर्ड के प्रमाण पत्र तैयार, विद्यालय नहीं दे रहे ध्यान

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विद्यालय हैं कि प्रमाण पत्र ही नहीं ले जा रहे

विद्यालय हैं कि प्रमाण पत्र ही नहीं ले जा रहे

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बाड़मेर. प्राथमिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण पत्र परीक्षा के प्रमाण पत्र विद्यार्थियों के लिए भले ही महत्वपूर्ण हैं, लेकिन संस्था प्रधान इसे लेकर बेपरवाह हैं। इसका उदाहरण जिले के कई विद्यालयों को लेकर नजर आ रहा है, जो डाईट की बार-बार सूचना के बावजूद अब तक प्रमाण पत्र लेने नहीं आए हैं। एेसे में जबकि पांच दिन बाद पुनर्गणना के आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त हो जाएगी, जो विद्यार्थी पुनर्गणना करवाना चाहते हैं, उनको दिक्कत आ सकती है। डाईट के मार्फत जिले के सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों में कक्षा आठ में अध्ययनरत विद्यार्थियों की प्राथमिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण पत्र परीक्षा करवाई गई थी। इसके प्रमाण पत्र तैयार होने के बाद जिले के सैकड़ों विद्यालयों में पहुंच चुके हैं, लेकिन अभी भी कई विद्यालय प्रमाण पत्र लेकर नहीं गए हैं।

ये नहीं लेकर गए प्रमाण-पत्र

जानकारी के अनुसार राउप्रावि अरणियाली गल्र्स व आकल, राउमावि भाचभर, चाडार मदरूप, पचपदरा नगर, आंटिया, भोजारिया, देदूसर, बावड़ी कला, हीरा की ढाणी, खोखसर, बारासण, बंधड़ा एवं कोजा, रामावि पादरिया, जानपालिया, लकड़ासर, तरला तथा नेहरों की नाडी के संस्था प्रधान अभी तक प्रमाण पत्र लेकर नहीं गए हैं।

पुनर्गणना आवेदन की अंतिम तिथि 8 अगस्त

- आठवीं बोर्ड के अभ्यर्थी कर सकते हैं आवेदन

बाड़मेर.प्रारम्भिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण पत्र परीक्षा 2018 के ग्रेडिंग युक्त प्रमाण पत्र वितरण के बाद छात्रों की ओर से पुनर्गणना की अंतिम तिथि 8 अगस्त निर्धारित की गई है। कोई भी छात्र प्रार्थना पत्र मय सम्पूर्ण विवरण के प्रति विषय सौ रुपए शुल्क सहित डाईट कार्यालय में व्यक्तिश:उपस्थित होकर अंतिम तिथि तक जमा करवा सकता है। डाईट प्रधानाचार्य गोपालङ्क्षसह सोढ़ा ने यह जानकारी दी।

क्या है आठवीं बोर्ड- प्रदेश के सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को इस परीक्षा में शामिल होना होता है। सरकार ने इसका नाम प्रारम्भिक शिक्षा पूर्णता प्रमाण पत्र परीक्षा रखा है। इसके पीछे सरकार की मंशा विद्यार्थियों में बोर्ड परीक्षा का भय खत्म करना है। वहीं, इसमें ग्रेडिंग व्यवस्था है, जिसके चलते विद्यार्थी नम्बरों के मकड़झाल में नहीं उलझते।