
ravindra singh bhati chotu singh rawna
पश्चिमी राजस्थान के सबसे चर्चित विवाद में सोमवार को उस वक्त सनसनी फैल गई जब लोक गायक छोटू सिंह रावणा ने अपना तीसरा वीडियो संदेश जारी किया। इस वीडियो में रावणा पहले से कहीं अधिक आक्रामक और भावुक नजर आए। उन्होंने न केवल विधायक रविंद्र सिंह भाटी पर जातिवाद फैलाने का आरोप लगाया, बल्कि जाट, एससी-एसटी और भील समाज की बेरुखी का जिक्र कर भाटी की राजनीतिक घेराबंदी भी की।
छोटू सिंह रावणा ने वीडियो में स्पष्ट किया कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है।
FIR का ऐलान: रावणा ने कहा, "मुझे तकलीफ इस बात से है कि आप धमकी देकर मुकर रहे हैं। इसके लिए मैं 1 अप्रैल को शिव थाने में जाकर आपके खिलाफ FIR दर्ज करवाऊंगा। इस बार आपको जवाब देना पड़ेगा कि आप मुझसे चाहते क्या हैं?"
सुरक्षा का सच: छोटू सिंह रावणा ने उन चर्चाओं पर भी विराम लगाया जिनमें उन्हें पुलिस सुरक्षा मिलने की बात कही जा रही थी। रावणा ने कहा कि सुरक्षा का केवल आश्वासन मिला है, फिलहाल वे बिना किसी सुरक्षा के ही अपनी बात रख रहे हैं।
वीडियो के एक हिस्से में रावणा काफी भावुक दिखे। उन्होंने अपने समर्थकों और राजस्थान की '36 कौम' से कहा:
"मेरी मौत की चिंता करना अलग बात है, लेकिन मेरी मौत के बाद 'चिंतन' जरूर कर लेना कि मेरी गलती क्या थी। पिछले 10 वर्षों से गा रहा हूं, कभी किसी समाज को ठेस नहीं पहुंचाई। फिर ये लोग मुझे पिछले 2-3 साल से क्यों डरा-धमका रहे हैं?"
रावणा ने विधायक भाटी के उस दावे पर कड़ा प्रहार किया जिसमें वे सबको साथ लेकर चलने की बात करते हैं। रावणा ने कहा, "कौन सी 36 कौम को साथ लिया है आपने? आपने तो समाज को तोड़ा है। जो जाट समाज आपके लिए सर कटाने को तैयार रहता था, वो आज आपको देखना तक पसंद नहीं करता। एससी-एसटी और भील समाज जो आपकी सेवा में खड़े रहते थे, वे अब आपसे दूर हैं।"
गायक ने आरोप लगाया कि वे खुद 2016 से राजपूत समाज के गौरव के लिए गा रहे हैं और समाज को जोड़ रहे हैं, जबकि भाटी जैसे नेता अपनी 'गैंग' के जरिए समाज में फूट डाल रहे हैं।
रविंद्र भाटी द्वारा मीडिया के सामने रावणा को 'भाई' बताने पर भी गायक ने पलटवार किया। उन्होंने पूछा कि अगर मैं भाई था, तो भाई वाला कौन सा फर्ज निभाया? पर्दे के पीछे धमकी देना और सामने भाई कहना, यह दोहरा चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है। रावणा ने चुनौती दी कि अगर उनकी कोई एक भी गलती साबित कर दे, तो वे अपना सर कटाने को तैयार हैं।
1 अप्रैल को प्रस्तावित FIR के बाद यह मामला अब पूरी तरह कानूनी पेचीदगियों में फंस सकता है। राजस्थान की राजनीति के जानकार इसे भाटी की छवि को डेंट पहुँचाने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देख रहे हैं। विशेषकर रावणा द्वारा जाट और दलित समाज का जिक्र करना इस विवाद को सीधे आगामी चुनावों और सामाजिक ध्रुवीकरण से जोड़ रहा है।
Published on:
30 Mar 2026 04:44 pm
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