विश्व विख्यात कालबेलिया नृत्य, घूमर नृत्य, कच्छी घोड़ी, अग्नि नृत्य, तराजू नृत्य, गैर, तेरहताली, डेजर्ट सिम्फनी, भवाई नृत्य के साथ राजस्थानी भजन और लोक गायन के रंगारंग कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अलावा अलगोजा वादन, ढोल वादन, कठपुतली शो की शानदार प्रस्तुतियों के जरिए राजस्थान एवं थार की लोक कला को बढ़ावा दिया जाएगा।