
उद्यमियों व विभागों के सामूहिक पहल की जरूरत
- पत्रिका अभियान:
बालोतरा. पोपलीन नगरी का औद्योगिक क्षेत्र गंदगी व कचरे के ढेर के रूप में पहचान बना रहा है। यहां के लोगों को पता है कि भले ही औद्योगिक क्षेत्र करोड़ों रुपए की कमाई दे रहा है, लेकिन सौंदर्यकरण व साफ-सफाई में यह फिसड्डी साबित हो रहा है। जरूरत है तो बस इतनी की इसकी कोई सुध ले और अभियान चला दशा सुधारे। उद्यमी आगे आएं तो रीको सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी अपना दायित्व समझ स्वच्छता में रुचि दिखाएं, तभी इसकी सूरत बदल सकती है।
नगर व क्षेत्र के रहवासियों के लिए वस्त्र उद्योग, पिछले कई दशकों से जीवन का आधार साबित हुआ है। क्षेत्र में चाहे कितने भी अकाल पड़े, लेकिन उद्योग से मिलने वाले रोजगार पर लोगों को दूसरे प्रदेशों के लिए पलायन नहीं करना पड़ा। वहीं इससे मिलने वाली आमदनी पर लोगों को घर बसर करने में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। लोगों को रोजगार देने वाले औद्योगिक क्षेत्र की सूरत इन लोगों को साल रही है। गंदगी, कचरा, दुर्गंध, सड़कों पर फैला पानी देख वे हर बार यही सोचते हैं कि क्या इसकी सूरत कभी बदलेगी। आमजन के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र को स्वच्छ व सुंदर बनाया जा सकता है। इससे बाहरी लोगों में शहर की छवि सुधरेगी तो उद्योग का विकास होगा, वहीं रोजगार के अवसर अधिक बढ़ेंगे। इसके लिए रीको, प्रदूषण एवं नियंत्रण मण्डल के अलावा उपखंड प्रशासन को भी सक्रिय होकर भागीदारी निभानी होगी। उपखंड प्रशासन समय-समय पर औद्योगिक संगठनों की बैठकें आयोजित कर उन्हें बेहतर व्यवस्था के लिए निर्देशित करें। इस तरह के प्रयासों पर औद्योगिक क्षेत्र स्वच्छता से निखर उठेगा।
उपखण्ड प्रशासन लें बैठकें, दें निर्देश - बालोतरा वस्त्र उद्योग बड़ा उद्योग है। यहां बड़ी संख्या में औद्योगिक संगठन कार्य करते हैं। इस पर उपखंड प्रशासन समय-समय पर इनके साथ बैठकें आयोजित कर इन्हें सफाई कार्य के लिए निर्देशित करें। कुछ समय बाद ही औद्योगिक क्षेत्र निखर उठेगा। - रफीक चड़वा
रीको व प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की भी जिम्मेदारी- औद्योगिक क्षेत्र विकास व रखरखाव के लिए रीको, प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की बड़ी जिम्मेदारी है। उपखंड प्रशासन इनके साथ बैठकें आयोजित कर इन्हें बेहतर साफ सफाई के लिए निर्देशित करें। कार्य की मॉनिटरिंग करें। इस पर औद्योगिक क्षेत्र सफाई से जगमगा उठेगा। - मुकेश अग्रवाल
कम खर्च में हो सकती है सफाई- उद्योग से जुड़े संबंधित विभागों व औद्योगिक संगठनों, संस्थाओं के साथ उपखंड प्रशासन समय-समय पर बैठकें आयोजित करें। उन्हें बताएं कि कम खर्च में कैसे सफाई की जा सकती है। इन प्रयासों पर कम समय में ही औद्योगिक क्षेत्र में गंदगी, कचरा नजर नहीं आएगा। - हितेन भाटी
Updated on:
25 Jan 2019 07:56 pm
Published on:
25 Jan 2019 07:56 pm
