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बीएसएफ की अनूठी पहल, शहीदों के नाम वाटिका, जानिए पूरी खबर

- अनंतनाग में आतंकवादियों से मुठभेड़ में शहीद आरक्षक हरी पद कर की याद में बनाई वाटिका

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बाड़मेर.
बीएसएफ ने अपने शहीद जवानों की याद को चिर स्थाई रखने के लिए अनूठी पहल की है। इसके तहत शहीद जवानों की याद में वाटिका स्थापित की जा रही है। बाड़मेर सेक्टर मुख्यालय में उप महानिरीक्षक विनीत कुमार ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आरक्षक हरी पदकर वाटिका की शुरुआत की। अनंतनाग में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए आरक्षक हरी पदकर शहीद हो गए थे। सीमा सुरक्षा बल ने अपने शहीद जवानों की याद को रखने के लिए वाटिका एवं नर्सरी निर्माण की अनूठी पहल की है, बाड़मेर सेक्टर मुख्यालय पर स्थापित की गई। आरक्षक हरी पदकर वाटिका में करीब 300 पौधे लगाए गए है।


उप महानिरीक्षक विनीत कुमार के मुताबिक शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता, बाड़मेर सेक्टर मुख्यालय मेंआरक्षक हरी पदकर वाटिका स्थापित की गई है। इस वाटिका में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए हैं, उनके मुताबिक इस वाटिका में शहीद की गौरव गाथा को भी प्रदर्शित किया गया है, इसी तरह शहीद मनमोहन सिंह की याद में नर्सरी स्थापित की गई है। जहां विभिन्न प्रकार की किस्मों के पौधे तैयार किए गए हैं, जो सेक्टर बटालियन एवं सीमावर्ती इलाकों में लगाए जा रहे हैं। आरक्षक हरी पदकर वाटिका में उप महानिरीक्षक विनीत कुमार, कमाडेंट मुकेश चौहान, कमांडेंट युवराज दुबे, द्वितीय कमान अधिकारी सुमन कुमार एवं राकेश आनंद, डा.पी.के.राय समेत सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों एवं जवानों ने पौधारोपण किया।


इसलिए इनके नाम वाटिका
आरक्षक हरी पदकर सीमा सुरक्षा बल की 50 वी वाहिनी में पदस्थापित थे, इस दौरान 20 जुलाई 1995 को कश्मीर घाटी के आंतकवाद ग्रस्त अनंतनाग जिले में आतंकवादियों को पकडऩे के लिए कार्डन लगाया गया, इस दौरान आतंकवादियों के साथ भीषण मुठभेड़ में आरक्षक पद कर अदम्य साहस एवं शौर्य का परिचय देते हुए वीर गति को प्राप्त हुए। उनके इस अदम्य साहस एवं शौर्य के लिए मरणोपरांत पुलिस मेडल फॉर गैलेट्री से नवाजा गया।


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