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आज देशभर में गूंजेगी घाटी के डूब प्रभावितों की आवाज

कई प्रदेशों के एक्टिविस्ट बड़वानी पहुंचना हुए शुरू, आज संकल्प दिवस रैली, बुद्धिजीवी, हाईकोर्ट के अधिवक्ता, फिल्मी कलाकार होंगे शामिल, डूब प्रभावितों के हक में नबआं कर सकता है बड़े आंदोलन की घोषणा

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Sardar Sarovar Dam, Narmada Valley

Sardar Sarovar Dam, Narmada Valley

बड़वानी. सरदार सरोवर बांध की डूब में आ रहे नर्मदा घाटी के लोगों की आवाज एक बार फिर देशभर में गूंजेगी। 35 सालों से घाटी के लोगों के विस्थापन के लिए संघर्ष कर रहे नर्मदा बचाओ आंदोलन के आह्वान पर देशभर के सामाजिक संगठनों, विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े दिग्गज बुधवार को बड़वानी पहुंचेंगे। सरदार सरोवर बांध प्रभावितों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ सभी एक स्वर में आवाज बुलंद करेंगे। वहीं, केंद्र सरकार द्वारा बांध को पूरा भरने का भी विरोध किया जाएगा। यहां नर्मदा बचाओ आंदोलन डूब प्रभावितों के हक में आगामी आंदोलन की घोषणा भी कर सकता है।
केंद्र सरकार द्वारा सरदार सरोवर बांध को 139 मीटर तक भरने की पूरी तैयारी की जा चुकी है। जिसे लेकर डूब प्रभावितों का विरोध भी शुरू हो चुका है। प्रदेश में भारी बारिश और ऊपरी बांधों में पानी आने से खरगोन, बड़वानी के बैक वाटर क्षेत्र में डूब का खतरा भी मंडरा रहा है। सरदार सरोवर बांध के गेट लगने से नर्मदा का जल स्तर भी बढऩे लगा है। ऐसे में विस्थापन की राह तक रहे डूब गांवों में बसे प्रभावितों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। बांध को भरने के विरोध में नर्मदा बचाओ आंदोलन द्वारा 31 जुलाई बुधवार को विशाल रैली और जनसभा का आयोजन किया गया है। जिसमें प्रदेश के सभी बांधों से प्रभावित और देशभर के एक्टिविस्ट शामिल होंगे।
नई सरकार ने माना जीरो बैलेंस झूठ था
नबआं नेत्री मेधा पाटकर ने बताया कि बांध प्रभावितों का आज भी संपूर्ण पुनर्वास नहीं हुआ है। पूर्व की सरकार तो इसे मानने को तैयार ही नहीं थी और जीरो बैलेंस बता रही थी। नई सरकार ने कम से कम ये तो माना कि जीरो बैलेंस नहीं है और 76 गांव में 6 हजार परिवारों का पुनर्वास बाकी है। हमारा कहना है कि 192 गांवों में अभी भी 30 हजार प्रभावित पुनर्वास की राह देख रहे है। बैक वाटर लेवल के नाम पर 16 हजार परिवारों को भी डूब से बाहर करने की पूर्व की सरकार की साजिश थी। आज उन्हें भी डूब के बाहर नहीं माना जा सकता। आज हर कोई अपना हक मांग रहा है। बिना पुनर्वास और मुआवजा के किसी को भी डूब मंजूर नहीं है। हम अपने आंदोलन से ये ही संदेश देना चाहते है।
ये आएंगे आंदोलन में शामिल होने
नबआं के बालाराम यादव ने बताया कि बुधवार सुबह 11 बजे कारंजा शहीद स्मारक से डूब प्रभावितों द्वारा रैली निकाली जाएगी। जो एमजी रोड, झंडा चौक होते हुए पुराने कलेक्टोरेट पहुंचेगी। यहां आम सभा या जनसुनवाई का आयोजन होगा। आंदोलन में सरदार सरोवर बांध से प्रभावित खरगोन, धार, अलीराजपुर, बड़वानी जिले के विस्थापितों सहित महाराष्ट्र, गुजरात के विस्थापित, इंदिरा सागर, बरगी, ओंकारेश्वर, जोबट बांध परियोजना के प्रभावित भी शामिल होंगे। वहीं मुख्य अतिथि के तौर पर संजय मंगला गोपाल एनएपीएम, मदुरेश कुमार दिल्ली, नीता महादेव लोक समिति गुजरात, भारत पटेल टाटा मुंदा गुजरात, चिन्मय मिश्र पर्यावरणविद, आराधना भार्गव किसान संघर्ष समिति, डॉ. सुनीलम, आनंद मोहन माथुर पूव जनरल अटार्नी इंदौर सहित अन्य एक्टिविस्ट रैली में शामिल होंगे।