
जयपुर में 15 साल से पेड़ के नीचे चल रही पाठशाला
बाड़ापदमपुरा (jaipur)। सरकार लाखों रुपए खर्च कर स्कूलों के विकास का प्रयास कर रही है, लेकिन आज भी ऐसे कई स्कूल हैं जहां बच्चे खुले आसमान के नीचे या पेड़ की छांव में अध्ययन करते है। ऐसा ही स्कूलjaipur hindi news जयपुर जिले के पास चाकसू उपखण्ड के बाड़ापदमपुरा ग्राम पंचायत के पीपल्या बाई का बाढ़ में है। जहां पर विधार्थी खेजड़ी के पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर है। इस स्कूल के बच्चों को बारिश के मौसम में ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्योकि मौसम खराब होते ही स्कूल की छुट्टी कर दी जाती है।
2004 में खुली थी पाठशाला
यहां 2004 में खुली पाठशाला govt school under tree पिछले 15 सालों से खेजड़ी के पेड़ की छांव में चल रही हैं। मौसम खराब हुआ तो छुट्टी कर दी जाती हैं खास कर बारिश के मौसम में स्कूल चलना मुश्किल हो जाता हैं। स्कूल का सामान ढाणी के ही एक मकान में बिना किराए रखा हुआ हैं। इस विधालय में 19 बच्चों का नामाकंन हैं। जिन्हें दो शिक्षक पेड़ के नीचे पढ़ाते हैं।
सरकारी जमीन का अभाव
govt school राजकीय प्राथमिक विधालय पीपल्या बाई का बाढ़ के भवन Lack of government land के सर्व शिक्षा अभियान के तहत दो बजट स्वीकृत हो चुके है। लेकिन सरकारी जमीन नहीं होने कारण बजट लेप्स हो गया।
हो ना जाए हादसा
राजकीय प्राथमिक विधालय Rajkiya Uchch Prathmik Vidyalaya पीपल्या बाई का बाढ़ में खेजड़ी के नीचे संचालित स्कूल के पास ही कुआं है। जिसमे पास ही बैठकर छोटे बच्चे पढ़ते रहते है और लंच में आस-पास बच्चे खेलते रहते है। ऐसे में कभी भी हादसा होने की अनहोनी रहती है।
चीटियां में बैठकर पढऩा मजबूरी
ग्राम पंचायत बाड़ापदमपुरा के पीपल्या बाई का बाढ़ में संचालित विधालय जिस खेजड़ी के पेड़ के नीचे चल रहा हैं। उस पेड़ के पास किसी देवता का स्थान हैं। मन्दिर के आस पास चीटियां घूमती रहती हैं। बच्चों को वहां बैठने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं।
इनका कहना है
राजकीय प्राथमिक विधालय पीपल्या बाई का बाढ़ को दानदाताओं ने जमीन दे दी थी। लेकिन वहां से हाईटेशन लाइन गुजर जाने के कारण भवन नहीं बनाया गया। अब दानदाताओं ने जमीन देने से मना कर दिया।
महेशचन्द शर्मा, पीईईओ बाड़ापदमपुरा
Published on:
19 Jul 2019 08:00 am
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