
राजस्थान में फिर बारिश की चेतावनी (फोटो-पत्रिका)
बस्सी। बंगाल की खाड़ी में नया निम्न दबाव प्रणाली बनने और दक्षिणी-पश्चिमी विछोभ के सक्रिय होने के कारण आईएमडी ने राजस्थान में यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी पांच दिन तक गरज के साथ बरसात होने की संभावना है।
बरसात की आशंका के चलते किसान चना और सरसों की बुवाई को लेकर असमंजस में हैं। किसान बुवाई की पूरी तैयारी कर चुके हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि पहले बुवाई हो और उसके बाद बरसात आए। यदि पहले बुवाई हो और बाद में भारी बरसात हो जाए तो खाद और बीज खराब हो सकते हैं।
दीपपुरा निवासी कैलाश चन्द मीना के अनुसार, नवरात्रा में सरसों की बुवाई करने पर पैदावार अच्छी होती है। इसके कुछ दिन बाद, जब नमी थोड़ी कम होती है, तो चने की बुवाई शुरू की जाती है। सरसों की बुवाई के लिए अधिक नमी आवश्यक है, जबकि चने की बुवाई कम नमी में होती है। किसान मानते हैं कि यदि बरसात नहीं होती है, तो सरसों की बुवाई में नमी कम पड़ जाएगी और उन्हें चने की ही बुवाई करनी पड़ेगी।
खरीफ की बाजरे की फसल की कटाई के बाद किसानों ने अपने खेतों में जुताई कर खेतों को बुवाई के लिए तैयार कर लिया है। अधिकांश किसानों ने सरसों और चने की बुवाई के लिए खाद-बीज का प्रबंध भी कर लिया है। इस बार खरीफ की फसलों की अच्छी बरसात से खेतों में नमी बनी हुई है, जो बुवाई के लिए उपयुक्त मानी जा रही है।
कौथून क्षेत्र में मौसम का मिजाज बार-बार बदलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कड़ी मेहनत से तैयार की गई उड़द, मूंगफली, ज्वार और ग्वार की फसल पककर तैयार है, लेकिन अचानक बादल छाने और बारिश होने से इन पर संकट मंडरा रहा है। खेतों व खलिहानों में कटाई और खुदाई का काम चल रहा है, वहीं बारिश से भीगी फसल की चमक कम हो गई है। किसान अपनी मेहनत बचाने के लिए कटाई के बाद फसल को सुरक्षित रखने की कोशिश में जुटे हैं और प्रभु से प्रार्थना कर रहे हैं कि कुछ दिन तक तेज आंधी-पानी न हो।
इनका कहना है…
सरसों एवं चने की बुवाई का उत्तम समय है। किसान बरसात के इंतजार में बुवाई करने से अटके हुए हैं। अब चार-पांच दिन बाद बुवाई होगी।
Updated on:
30 Sept 2025 11:24 am
Published on:
30 Sept 2025 11:21 am
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