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शेखावाटी के लाल ने राष्ट्रमंडल खेलों में दूसरी बार कांस्य पदक पर निशाना साधा, ओमप्रकाश के घर दिवाली सा जश्न

गांव का नाम रोशन किया

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बस्सी

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Vinod Sharma

Apr 12, 2018

om-prakash wins kansy padak for india-in pistol-event-at-commonwealth-games 2018

अजीतगढ़ (सीकर)। सेना में भर्ती के बाद राजपूताना राइफल्स में ट्रेनिंग के दौरान शुरू हुआ निशानेबाजी के सफर ने ओमप्रकाश को कॉमनवेल्थ में कामयाबी तक पहुंचा दिया। शेखावाटी के लाल ने राष्ट्रमंडल खेलों में बुधवार को दूसरी बार कांस्य पदक पर निशाना साधा है। दो पहले भी वे कांस्य पर निशाना साध चुके हैं। गत 15 अगस्त 1995 को सिहोड़ी में किसान सज्जन सिंह के घर जन्मे ओमप्रकाश निठारवाल ने सैकण्डरी तक की शिक्षा गांव के गीदावाला स्कूल में प्राप्त की। इसके बाद 12वीं परीक्षा सीकर से उत्तीर्ण की। वर्ष 2014 में सीकर में आयोजित भर्ती में ओमप्रकाश का सेना में चयन हो गया।

निशानेबाजी का जुनून सवार
सेना में राजपूताना राइफल्स में दिल्ली में ट्रेनिंग के दौरान उन्हें निशानेबाजी का जुनून सवार हो गया तथा अभ्यास शुरू कर दिया। ओमप्रकाश के अचूक निशानों को देख सैन्य अधिकारियों ने भी उन्हें प्रोत्साहित किया। इसके बाद उन्होंने सेना की ओर से शूटिंग प्रतियोगिताओ में हिस्सा लेना शुरू कर सफलता की ओर कदम बढ़ा दिए। ओमप्रकाश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो गोल्ड व एक कांस्य पदक पर निशाना साधा चुके हैं। हाल ही में मैक्सिको में हुई विश्वनिशानेबाजी प्रतियोगिता एफसीआई में भी गोल्ड मेडल जीत कर गांव का नाम रोशन किया था।

सिहोडी में बांटी मिठाई, महिलाओं ने किया नृत्य
शेखावाटी के लाल के राष्ट्रमंडल खेलों में दो कांस्य जीतने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। हवलदार ओमप्रकाश के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। मिठाइयां बांटी जा रही हैं। महिलाएं खुशी में डीजे की धुन पर झूम रही हैं। दिवाली जैसा माहौल बना हुआ है। गौरतलब है कि सिहोड़ी की ढाणी निमड़ी निवासी एवं राजपूताना राइफल्स इन्दौर में कार्यरत हवलदार ओमप्रकाश ने आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों में बुधवार को 50 मीटर निशानेबाजी में कांस्य पदक पर निशाना साधा है। निठारवाल दो दिन पूर्व 10मीटर एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीत चुके हैं। शेखावाटी के लाडले की दोहरी जीत पर क्षेत्र के लोग फूले नहीं समा रहे हैं। लोगों ने ओमप्रकाश के दादा रामनाथ निठारवाल, दादी छोटी देवी, पिता सज्जन सिंह, मां शांतिदेवी, पत्नी अंजू देवी, बहन बिमला देवी, निरमा, भाई लोकेश, ससुर गढ़टकनेत निवासी रामू रोलानिंया को बधाई दी एवं मुंह मीठा कराया। महिलाओं ने मंगलगीत गाए।

सीएम ने किया परिजनों को सम्मानित
ओमप्रकाश के राष्ट्रमंडल खेलों में पहला कांस्य पदक जीतने पर गत रविवार को श्रीमाधोपुर में जनसंवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने उनके पिता, माता, बहन, पत्नी सहित परिजनों का सम्मानित किया था।