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सरकार के फैसले से नाराज व्यापारियों, मंडी बंद

अनाज मंडी संचालन पर विरोध का 'ग्रहण, जिंसों की खरीद पर सरकार ने बढ़ाया 2 प्रतिशत टैक्स

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सरकार के फैसले से नाराज व्यापारियों, मंडी बंद

सरकार के फैसले से नाराज व्यापारियों, मंडी बंद

बस्सी। कृषि अनाज मण्डी के सफल संचालन पर विगत दो माह से किसी न किसी बात को लेकर उलझन बनी हुई है। पहले लॉकडाउन और फिर उसके बाद बिना सुविधा के व्यापारियों ने अनिश्चितकाल के लिए मण्डी बंद रखने का आह्वान किया। इसके बाद किसी ने मण्डी चालू करने की कोशिश नहीं की। अनाज मंडी के व्यापारियों की माने तो टैक्स बढऩे से किसानों से ही माल कम दर में खरीदना होगा। किसानों की जिंसों के भाव कम हो जाएंगे। इससे किसान मण्डी में माल नहीं लेकर आएंगे।

अनिश्चितकाल के लिए अनाज मंडी बंद
नए सचिव के आने के बाद मण्डी चालू करने के लिए उपखंड, मण्डी प्रशासन तथा व्यापारियों के बीच तालमेल बैठाकर 23 अप्रेल से शुरू करवाई तो अब सरकार ने जिंसों की खरीद पर दो प्रतिशत टैक्स लगा दिया। इससे मंडी के व्यापारी नाराज हो गए और अनिश्चितकाल के लिए अनाज मण्डी को बंद कर दी है।

राजस्व का होगा नुकसान
डेढ़ माह बाद मण्डी संचालन करने के बाद लगा था कि मण्डी अब निर्बाध रूप से चालू रहेगी। इससे मण्डी व सरकार को राजस्व मिल सकेगा। जो इस महामारी में जरूरतमंदों व विकास कार्यों में लगाया जा सकेगा लेकिन सरकार ने टैक्स लगा देने से व्यापारी नाराज हो गए। मण्डी बंद रहने से राजस्व की हानि होगी।

मंडी में नहीं पहुंचेगा माल
अनाज मंडी के व्यापारी ने बताया कि टैक्स बढऩे से किसानों से ही माल कम दर में खरीदना होगा। किसानों की जिंसों के भाव कम हो जाएंगे। इससे किसान मण्डी में माल नहीं लेकर आएंगे। किसानों का माल 2 नम्बर का काम करने वाले खरीद लेंगे। इससे व्यापारियों पर असर पड़ेगा। व्यापारियों ने बताया कि सरकार का यह निर्णय गलत है। इससे मण्डी के सफल संचालन पर ग्रहण लग जाएगा।