विशाखापट्नम में कपड़े के कारखाने में अच्छी आमदनी का लालच देकर तमिलनाडु में ईंट भट्टे में काम कर रहे मजदूर मनोज राव ने गांव में रह रही पत्नी सुरभि को बंधक होने की जानकारी दी तो पत्नी ने पुलिस की मदद से पति सहित सभी 23 मजदूरों को आजाद करा दिया।
इनमें महिला सहित नाबालिग भी शामिल है। एएसपी विजय पाण्डे ने मंगलवार शाम प्रेसवार्ता में बताया कि तमिलनाडू में 3 मजदूरों को बंधक बनाकर रखने की शिकायत मिलने पर क्राइम ब्रांच की टीम को तत्काल रवाना किया गया।
टीम में सीएसपी मोनिका सिंह ठाकुर, बोधघाट थाना प्रभारी टिल्लू सिंह ठाकुर, उप निरीक्षक सत्यम चौहान, पुरुषोत्तम नायडू, आरक्षक रंगलाल खरे व जोगीलाल बुढेक शामिल थे। मौके पर पहुंचकर उन्हें छुड़ाया गया।
इन मजदूरों ने बताया कि करीब 10 और मजदूरों को भी अन्य ठेकेदार द्वारा बंधक बनाकर काम लिया जा रहा है। उन्हें भी छुड़ाकर सभी मजदूरों के साथ टीम मंगलवार को शहर पहुंची। ये मजदूर दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कोण्डागांव और जगदलपुर के रहने वाले हैं।
मनोज नामक व्यक्ति ने सभी मजदूरों को विशाखापटनम में काम दिलाने की बात कहते हुए तमिलनाडू में ठेकेदार के पास छोड़ आया। आजाद मजदूरों ने बताया कि उन्हें सौ रुपए में दिन-रात काम करवाया जाता था। विरोध करने पर मारपीट की जाती थी। सभी मजदूरों को अपने-अपने गांव के लिए रवाना कर दिया गया है।