
वों देखते रहे, शावक मां संग करते रहे अठखेलियां
ब्यावर. सेन्दड़ा वन क्षैत्र के ग्राम चांग में एक तेंदुए के साथ दो शावक नजर आए है। दोनों ही शावक चांग की वन चौकी के सामने से गुजरे तो वनपाल ने पत्थर की ओट से मोबाइल में कैद किया। तेंदूए के साथ ही अठखेलिया करते हुए शावक बड़े-बड़े पत्थरों के बीच आगे की ओर निकल गए। पूर्व में भी यहां पर वन्यजीवों की आवाजाही बनी रही है। करीब पांच दिन पहले ही एक पैंथर शावक भूख प्यास व्याकुल घायलावस्था में मिला था। जिसका सेंदडा वन रेंज में उपचार जारी है। टॉडगढ-रावली अभ्यारण्य, बिंजागुडा रेंज व सेंदडा वन रेंज का आपस में जुडाव है। इन क्षेत्रों में कई वन्यजीव विचरण करते रहते है। जंगल में पानी व भोजन नहीं मिलने से आबादी के आस-पास गुफाओं में वन्यजीवों ने अपना आश्रयस्थल बना रखा है। सेवानिवृत वनरक्षक मोहनसिंह चौहान सोमवार शाम को वन चौकी के पास ही बैठे थे। इस दौरान उन्हें एक नन्हा शावक गुजरता हुआ नजर आया। वनरक्षक चौहान ने पत्थर की ओट में जाकर देखा तो दो शावक एवं एक तेंदूआ वहां से गुजर रहे थे। मोहनसिंह ने पत्थर की ओट से ही उनकी अठखेलियों को अपने मोबाइल में कैद कर लिया। कुछ देर वन चौकी व बेटा काकर के पास कंदराओं में अठखेलियां करने के बाद तेंदूआ व शावक इन पहडिय़ों मे आगे की ओर निकल गए।
तीन दिन पहले मिला घायल शावक
सेंदडा वन क्षेत्र के पोलेश्वर महादेव मंदिर के पास हाल ही 23 अक्टूम्बर 5 माह का शावक भूख प्यास से व्याकुल मिला था। सूचना पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारी उसे सेंदडा लेकर आए। जहां पर उसका उपचार चल रहा है। घायल शावक के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो रहा है। क्षेत्रीय वन अधिकारी आनन्दसिंह बारहठ ने बताया कि पैंथर शावक के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ है। ऐसे में इसको उपचार के लिए जोधपुर भेजने की तैयारी चल रही है। गौरतलब है कि इससे पहले भी यहां पर भालू एक मंदिर में लगे कैमरे में कैद हो चुके है। चरवाहों व ग्रामीणों पर भालू के हमले के मामले भी हो चुके है।
Published on:
27 Oct 2021 02:14 pm
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