
बेमेतरा को मिली बड़ी सौगात (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Bemetara 6 Lane Expressway: केंद्र सरकार ने मध्य भारत के परिवहन ढांचे को नया आयाम देते हुए जबलपुर-भोपाल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और जबलपुर-मंडला-छत्तीसगढ़ सीमा-कवर्धा- बेमेतरा-सिमगा-रायपुर मार्ग को 6-लेन एक्सप्रेसवे में अपग्रेड करने की ऐतिहासिक मंजूरी दी है। लगभग 15,000 करोड़ रुपए की इस महापरियोजना में छत्तीसगढ़ सीमा से रायपुर तक के 85 किलोमीटर लंबे मार्ग को 2,500 करोड़ रुपए की लागत से 6-लेन एक्सप्रेस-वे बनाया जाएगा। इसका सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बेमेतरा जिला बनेगा। यह परियोजना बेमेतरा को सीधे राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से जोड़ेगी, जिससे जिले में व्यापार, कृषि विपणन और रोजगार के अभूतपूर्व अवसर पैदा होंगे तथा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।
इस 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का सबसे बड़ा भू-भाग जिले से होकर गुजरेगा, जिससे जिले की कनेक्टिविटी पूरी तरह बदल जाएगी। यह मार्ग जिले की सरहद अगरी से प्रवेश कर ओडिया, बेतर, उमरिया, बेरा खार, कन्हेरा, खुरूसबोड, सैगोना, कारेसरा, गर्रा, बैजी, बेमेतरा शहर के कुछ हिस्सों, गुनरबोड, चोरभट्ठी, मटका, पथर्रा, बसनी जेवरा, जौग, झलमला और टेमरी से शिवनाथ नदी के पुल तक कुल 24 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके अलावा थान खम्हरिया, दाढ़ी, बेमेतरा एवं बेरला तहसील के दर्जनों गांव सीधे इस हाई-स्पीड कॉरिडोर से जुड़ जाएंगे, जिससे ग्रामीण परिवहन बेहद सुगम और तेज हो जाएगा।
जिला मुख्य रूप से कृषि प्रधान क्षेत्र है, जहां धान, दलहन और तिलहन का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। 6-लेन एक्सप्रेस-वे बनने से बेमेतरा के किसानों और व्यापारियों की पहुंच रायपुर, जबलपुर और भोपाल की बड़ी मंडियों तक आसान हो जाएगी। जल्द खराब होने वाली सब्जियों और कृषि उपजों को समय पर बड़े शहरों तक पहुंचाया जा सकेगा, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे। जिले में नए राइस मिल, कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग उद्योगों की स्थापना के रास्ते खुलेंगे, जिससे अंचल की व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा होंगे।
इस एक्सप्रेस-वे के बनने से बेमेतरा से रायपुर, जबलपुर और भोपाल की दूरी व समय में भारी कमी आएगी। रायपुर से भोपाल का सफर 14-15 घंटे से घटकर मात्र 6 से 7 घंटे और रायपुर-जबलपुर का सफर 7-8 घंटे से घटकर 3.5 से 4 घंटे रह जाएगा। बेमेतरा से राजधानी रायपुर पहुंचने में अब बेहद कम समय लगेगा। इसका सीधा फायदा जिले के मरीजों को मिलेगा, जिन्हें गंभीर स्थिति में रायपुर के बड़े अस्पतालों या एम्स पहुंचने के लिए त्वरित मार्ग मिलेगा। साथ ही, दैनिक यात्रियों और छात्रों को भी आवागमन में समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी।
छत्तीसगढ़-एमपी सीमा पर स्थित चिल्फी घाटी के खतरनाक मोड़ों को आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों और बायपास के जरिए सुरक्षित बनाया जाएगा। घाटी से निकलने वाला अंतरराज्यीय भारी यातायात जिले से होकर गुजरता है। 6-लेन चौड़ीकरण और ऑटोमेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू होने से बेमेतरा शहर व आसपास के मार्गों पर लगने वाले भारी जाम से स्थायी मुक्ति मिलेगी। सड़क हादसों में कमी आएगी और सफर सुरक्षित होगा। पर्यटन की दृष्टि से भी कवर्धा के भोरमदेव और कान्हा नेशनल पार्क जाने वाले पर्यटक बेमेतरा होकर आसानी से गुजर सकेंगे।
यह परियोजना केंद्र सरकार के ‘पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान का प्रमुख हिस्सा है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला यह सबसे मुख्य अंतरराज्यीय व्यापारिक रूट है। एक्सप्रेस-वे बनने के बाद मार्ग मध्य भारत के एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन हब के रूप में उभरेगा।
एक्सप्रेस-वे के किनारे नए सर्विस सेंटर, ढाबे, पेट्रोल पंप और वेयरहाउस विकसित होंने के आसार बनेंगे। व्यापारिक केंद्र के रूप में जिले की पहचान मजबूत होगी, जिससे भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही शहर में बिना किसी ट्रैफिक जाम के सुचारू रूप से संचालित हो सकेगी।
धंवईपानी-सिमगा फोरलेन की मांग को केंद्र ने मंजूरी देते हुए इसे 15 हजार करोड़ के 6-लेन एक्सप्रेस-वे में अपग्रेड किया। - संतोष पांडेय, सांसद
Updated on:
14 Aug 2026 04:25 pm
Published on:
14 Aug 2026 04:25 pm
