
सरदा-लेंजवारा संंग्रहण केंद्र में करोड़ों का घोटाला (photo source- Patrika)
Paddy Storage Scam: बेमेतरा जिले के सरदा-लेजवारा धान संग्रहण केंद्र से 53 हजार 639.22 क्विंटल धान गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कलेक्टर कार्यालय खाद्य शाखा और संयुक्त जांच दल की भौतिक सत्यापन रिपोर्ट में करोड़ों रुपए के इस घोटाले का खुलासा हुआ है। प्रशासन ने आनन-फानन में केंद्र प्रभारी को निलंबित कर दिया है, लेकिन सवाल उठ रहा है कि क्या पूरे सिंडिकेट को चलाने वाले बड़े मगरमच्छ बच निकलेंगे?
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान सरदा-लेजवारा संग्रहण केंद्र में कुल 12 लाख 72 हजार 380.563 क्विंटल यानी 31 लाख 96 हजार 13 बोरे धान का भंडारण किया गया था। इसमें से बेमेतरा व अन्य जिलों के राइस मिलरों और नीलामी के माध्यम से 12 लाख 7 हजार 101.72 क्विंटल धान का प्रदाय किया जा चुका है। ऑनलाइन सिस्टम और कागजी आंकड़ों के अनुसार मौके पर 65 हजार 287.84 क्विंटल यानी 35 हजार 793 बोरे धान बचा होना चाहिए था। लेकिन जांच दल के भौतिक सत्यापन में हकीकत कुछ और ही निकली।
जांच दल को मौके पर कुल 1,064 स्टैक में से मात्र 8 स्टैक अव्यवस्थित स्थिति में मिले। गिनती में केवल 18,301 बोरे पाए गए, जिनका औसत वजन मानक 40 किलो के बजाय मात्र 29.38 किलोग्राम प्रति बोरा निकला। इस हिसाब से कुल 6,394.46 क्विंटल धान ही मिला। इस तरह 53,639.22 क्विंटल धान का कोई पता नहीं चला।
15 जनवरी 2026 को जिला विपणन अधिकारी को पत्र जारी कर संग्रहण केंद्र प्रभारी को निलंबित करने और विभागीय जांच के निर्देश दिए गए थे। लेकिन इतने बड़े घोटाले में और लोगों की संलिप्तता की बात सामने आ रही है। सवाल है कि क्या अकेला केंद्र प्रभारी 53 हजार क्विंटल धान जेब में डालकर ले गया? वरिष्ठ अधिकारियों की पूरी फौज तैनात होने के बावजूद इतनी बड़ी हेराफेरी की भनक किसी को क्यों नहीं लगी?
जानकारों का मानना है कि सरदा केंद्र की बदहाली और भारी अंतर साफ इशारा करता है कि यह छोटा-मोटा मामला नहीं, बल्कि एक सुसंगठित सिंडिकेट का काम है। जिला स्तरीय मॉनिटरिंग टीमों और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जांच के लिए गंभीरता दिखाने वाले पूर्व जिला विपणन अधिकारी का तत्काल तबादला कर दिया गया। 7 महीने पहले तैयार हुई जांच रिपोर्ट के आधार पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे माना जा रहा है कि "छोटी मछली" को फंसाकर "मगरमच्छों" को बचाने का खेल चल रहा है। स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन के तकनीकी अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस जांच ने जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
धान संग्रहण केंद्र लंजवारा एवं सरदा के भौतिक सत्यापन में बड़ी अनियमितता मिली है।
ऑनलाइन रिकॉर्ड : 65,287.84 क्विंटल धान होना चाहिए था। इसमें 4,209.19 क्विंटल मोटा और 61,078.65 क्विंटल सरना धान शामिल।
स्टॉक रजिस्टर: केवल 25,657.28 क्विंटल दर्ज।
भौतिक सत्यापन: मौके पर सिर्फ 11,648.62 क्विंटल मिला।
कमी: कुल 53,639.22 क्विंटल धान कम पाया गया। इसमें मोटा धान 4,209.19 क्विंटल पूरी तरह नदारद है, जबकि सरना धान में 49,430.03 क्विंटल की कमी है। वहीं 1,226 नग बारदाना अधिक पाया गया।
Updated on:
10 Aug 2026, 11:56 AM IST
Published on:
10 Aug 2026, 11:56 AM IST
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